केंद्र सरकार ने डेटा लीक मामले में फेसबुक से प्राप्त जानकारी को साझा करने से इनकार कर दिया है. समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक पिछले दिनों उसके एक संवाददाता ने आरटीआई के जरिए इलेक्‍ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय से फेसबुक और कैंब्रिज एनालिटिका द्वारा दी गई प्रतिक्रियाओं की जानकारी मांगी थी. एजेंसी के मुताबिक मंत्रालय ने अपने जवाब में कहा है कि ये जानकारी गोपनीय होने की वजह से सार्वजनिक नहीं की जा सकती. उसका ये भी कहना है कि फेसबुक और कैंब्रिज एनालिटिका ने यह जानकारी देते समय सरकार से इसे गोपनीय रखने और केवल इसका आधिकारिक इस्तेमाल करने का अनुरोध किया है.

करीब चार महीने पहले सामने आए डेटा लीक मामले को लेकर केंद्र सरकार ने फेसबुक और कैंब्रिज एनालिटिका को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था. सरकार ने दोनों से 10 मई तक नोटिस का जवाब देने को कहा था.

कैंब्रिज एनालिटिका पर आरोप है कि उसने फेसबुक के पांच करोड़ यूजर्स से जुड़ी जानकारियां अवैध तरीके से हासिल की थीं. इनमें साढ़े पांच लाख से ज्यादा भारतीय भी हैं. ब्रिटेन स्थित इस फर्म पर इन जानकारियों का इस्तेमाल कर कई देशों के चुनावों को प्रभावित करने का आरोप है. इस घोटाले के सामने आने के बाद फेसबुक के मुखिया मार्क जुकरबर्ग ने डेटा लीक की बात मानते हुए माफी भी मांगी थी.

पीटीआई के मुताबिक उसके संवाददाता ने इस आरटीआई आवेदन में सरकार द्वारा चुनाव में आंकड़ों के दुरुपयोग को रोकने के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी भी मांगी थी. इसके जवाब में मंत्रालय ने कहा है कि उसने भारत में डेटा सुरक्षा का मसौदा तैयार करने के लिए एक विशेषज्ञ समिति की स्थापना की है. मंत्रालय के मुताबिक यह एक सतत प्रयास है और समिति जल्द ही अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी.