जम्मू-कश्मीर क्रिकेट एसोसिएशन (जेकेसीए) में करोड़ों रुपए कथित भ्रष्टाचार के मामले में राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक़ अब्दुल्ला पर शिकंजा कस रहा है. उनके ख़िलाफ़ सोमवार को सीबीआई (केंद्रीय जांच ब्यूरो) ने आरोप पत्र दायर किया है. इसमें तीन अन्य लोगों को भी आरोपित बनाया गया है. सीबीआई इस मामले की जांच कर रही है.

ख़बरों के मुताबिक जेकेसीए में भ्रष्टाचार के मामले का ख़ुलासा 2012 में हुआ था. उस वक़्त जेकेसीए के तत्कालीन अध्यक्ष मोहम्मद असलम गनी ने एसोसिएशन के महासचिव सलीम खान और कोषाध्यक्ष अहसान मिर्ज़ा पर आरोप लगाया था कि इन दोनों ने इस खेल संस्था के 1.90 करोड़ रुपए किसी अन्य ख़ाते में स्थानांतरित किए. इसके बाद माज़िद याक़ूब डार और निसार अहमद खान नाम के दो क्रिकेटरों ने अदालत में एक जनहित याचिका भी दायर की.

इन ख़िलाड़ियों ने अपनी याचिका में दलील दी कि जेकेसीए में घोटाला इससे बड़ा भी हो सकता है. इसकी विस्तृत जांच होनी चाहिए. इसके बाद जेकेसीए के ख़ाते सील कर दिए गए और जांच सीबीआई को सौंप दी गई. उसने अब तक जेकेसीए में 113 करोड़ रुपए के घोटाले का पता लगा लिया है. इस बाबत एजेंसी इसी साल जनवरी में फारूक़ अब्दुल्ला से पूछताछ भी कर चुकी है. अब्दुल्ला 2002 से 2011 तक जेकेसीए के अध्यक्ष रह चुके हैं.

इस बीच अब्दुल्ला की पार्टी नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) ने एक बयान जारी किया है. समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक इसमें एनसी ने कहा है, ‘पार्टी अध्यक्ष फारूक़ अब्दुल्ला को न्याय व्यवस्था पर पूरा भरोसा है. वे जेकेसीए में कुछ वित्तीय लेन-देन से जुड़े मामले में जांच एजेंसी और अदालत की कार्यवाही में पूरा सहयोग करने को तैयार हैं.’