अपनी पुरानी आदत से व्लादिमीर पुतिन सोमवार को भी चूके नहीं. फिनलैंड की राजधानी हेलसिंकी में तय मुलाकात के लिए रूसी राष्ट्रपति ने अमेरिका के मुखिया डोनाल्ड ट्रंप को 35 मिनट इंतजार करवाया.

हालांकि डोनाल्ड ट्रंप राहत महसूस कर सकते हैं कि वे इस मामले में अंगेला मेर्कल से ज्यादा खुशनसीब निकले. 2014 में व्लादिमीर पुतिन ने जर्मन चांसलर को चार घंटे 15 मिनट इंतजार करवाया था. कारण? उस दिन अपने पिछले ठौर यानी सर्बिया में रूसी राष्ट्रपति को तय वक्त से कुछ ज्यादा ही रुकना पड़ गया था.

साल 2000 में रूस के मुखिया बनने के बाद से ही व्लादिमीर पुतिन दूसरे राष्ट्राध्यक्षों और महत्वपूर्ण हस्तियों को इंतजार करवाते रहे हैं. क्या पोप फ्रांसिस और क्या रानी एलिजाबेथ (द्वितीय), कोई बच नहीं पाया. यूक्रेन के पूर्व राष्ट्रपति विक्टर यानुकोविच को एक बार उनसे मिलने के लिए चार घंटे इंतजार करना पड़ा था.

क्या व्लादिमीर पुतिन ऐसा जानबूझकर करते हैं? बहुतों को तो ऐसा ही लगता है. उनके मुताबिक यह रूसी राष्ट्रपति की एक रणनीति है - सामने वाले के बनिस्बत अपने को बड़ा जताने की. उनका यह भी कहना है कि पुतिन इस तरह की अंतरराष्ट्रीय बैठकों के लिए देरी से आने को एक रणनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल करते हैं ताकि सामने वाले का मानसिक संतुलन थोड़ा सा हिल जाए. हालांकि दूसरी तरफ कइयों को लगता है कि यह व्लादिमीर पुतिन की आदत में शुमार है. उनके मुताबिक रूस के मुखिया मॉस्को में होने वाले अपने कार्यक्रमों के लिए भी अक्सर लेट हो जाते हैं.