भारतीय कम्यूनिस्ट पार्टी (सीपीएम) के महासचिव सीताराम येचुरी की एक तस्वीर कल से सोशल मीडिया पर खूब चर्चा में है. इस तस्वीर में वे कुछ लोगों के साथ सिर पर कलश उठाए हुए दिख रहे हैं. चूंकि वामपंथ बुनियादी तौर पर धर्म को खारिज करता है सो इस तस्वीर के हवाले से ट्विटर और फेसबुक पर कई लोगों ने सीताराम येचुरी और सीपीएम पर सवाल उठाते हुए टिप्पणियां की हैं. फेसबुक पर तन्मय रॉय की पोस्ट है, ‘क्या ये वही सीताराम येचुरी हैं जो नास्तिक हैं और जो मानते हैं कि उनकी पार्टी के लिए वैज्ञानिक विचारधारा ही दिशा-निर्देशक है?...’ इसके साथ ही यहां कई तंजभरी टिप्पणियां भी आई हैं. एक यूज़र ने चुटकी ली है, ‘सीताराम येचुरी सीपीएम की अंत्येष्टि कर रहे हैं...’

यहां एक बड़े तबके, जिसका वामपंथी रुझान माना जाता है, ने दावा किया है कि इस तस्वीर के साथ छेड़छाड़ की गई है और सीताराम येचुरी अपने सिर पर कलश नहीं बल्कि एक बर्तन में फूल लिए हुए थे. सीताराम येचुरी 15 जुलाई को हैदराबाद में एक कार्यक्रम में भाग लेने गए थे. इस दिन यहां बोनालू (फूलों का त्योहार) नाम का त्योहार मनाया गया था और जिस संगठन के कार्यक्रम में सीताराम येचुरी शामिल हुए, उसने भी ऐसा ही आयोजन किया था. मूल रूप से यह तस्वीर इसी आयोजन की थी. वामपंथी समर्थकों की दलील है कि यह एक सांस्कृतिक आयोजन था, न कि धार्मिक आयोजन. इस दावे पर सवाल खड़ा करते हुए दीपांकर पटेल ने फेसबुक पर कहा है कि ये दोनों तस्वीरें सही हैं और बोनालू त्योहार महाकाली की पूजा का त्योहार होता है.

सोशल मीडिया में सीताराम येचुरी की इस तस्वीर को लेकर आई कुछ और दिलचस्प प्रतिक्रियाएं :

रियल हिस्टरी पिक्स | @RealHistoryPicx

सीताराम येचुरी अपने सिर पर सीपीएम की अस्थियां ले जाते हुए. (जुलाई, 2018)

शांतनु गुप्ता | @shantanug_

सीताराम येचुरी जनता के लिए अपने सिर पर अफीम ढोते हुए.

आशुतोष उज्ज्वल | facebook/ashutosh7570

राम के चक्कर में हिंदू बंटे सीताराम के चक्कर में कम्युनिस्ट.

जे सुशील | facebook/suhil.jha

आप उठाएं कलश तो संस्कृति
हम उठाएं तो अफ़ीम

तुम पियो तो ओल्ड मॉन्क
हम पिएं तो दारू

तुम कहो तो ज्ञान
हम कहें तो गोबर

तुम पढ़ो तो पर्चा
हम पढ़ें तो पैम्फ़्लेट

तुम फैब इंडिया पहनो तो इंटेल
हम भागलपुरी पहने तो गंवार

अब ये बताते जाओ कि
तुम्हारी पॉलिटिक्स क्या है कॉमरेड

योयो फनी सिंह |‏ @moronhumor

सीपीएम : सीताराम ये क्यूं रे?

सीताराम : कॉमरेड, अब से सीपीएम में एम का मतलब होगा मटकी!