देसी कॉमिक्स भले ही आज लगभग नदारद हो गई हों लेकिन, एक वक्त ऐसा भी था जब न सिर्फ आम आदमी बल्कि फिल्मी सितारे भी उसके मोहपाश से बच नहीं पाते थे. हिंदी फिल्मों के पहले सुपरस्टार राजेश खन्ना भी ऐसे ही एक अभिनेता हैं जिन्होंने लंबे अरसे पहले कॉमिक्स के एक मशहूर सुपरहीरो को परदे पर अभिनीत किया था.

राजेश खन्ना की उस फिल्म का नाम था ‘बंडल बाज’ (1976). इसमें उन्होंने एक ऐसे गरीब नायक का किरदार अदा किया था जो अपने सपनों में कॉमिक्स का सुपरहीरो बनकर दुश्मनों की पिटाई किया करता था. राजेश खन्ना इस फिल्म के सपनों में ‘फैंटम’ बने थे और फिल्म में फैंटम ऊर्फ बेताल की कहानियों को छापने वाली इंद्रजाल कॉमिक्स के फैन हुआ करते थे. फिल्म ने अपनी शुरूआत भी सपने से की थी जिसमें मुंबई में बैंक डकैती होने पर फैंटम का साथी डेविल नामक कुत्ता लूट की जानकारी देने जंगल जाता है और सफेद खोपड़ी की शक्ल वाली गुफा के अंदर बेताल की कास्ट्यूम में बैठे राजेश खन्ना को सारी बातें भौंककर बताता है. इसके बाद राजेश खन्ना के कास्ट्यूम से ढके माथे पर बल पड़ जाते हैं और वे तुरंत अपने घोड़े पर सवार होकर मुंबई आते हैं जहां दुश्मन की मार-कुटाई करने के बाद पुलिस का धन्यवाद भी हासिल करते हैं.

शम्मी कपूर निर्देशित ‘बंडल बाज’ की सबसे मजेदार चीज राजेश खन्ना की फैंटम वाली कास्ट्यूम थी. कास्ट्यूम के ऊपर पहनी गई काली मोटी पट्टियों से घिरी नीले रंग की अंडरवियर तो देखने लायक थी ही, साथ ही कास्ट्यूम के पीछे की तरफ एक लंबी जिप भी लगी थी जो कि सर की टोपी से लेकर फैंटम की पीठ तक जाकर पूरे व्यक्तित्व को कमाल की कलात्मकता देती थी! इस वजह से और ‘बंडल बाज’ में फैंटम जैसे सुपरहीरो का हास्यास्पद अभिनय करने की वजह से ‘हिंदी फिल्मों में सुपरहीरोज का खराब चित्रण करने वाले अभिनेता’ नामक लिस्ट में जैकी श्राफ, गोविंदा और पुनीत इस्सर के साथ ही राजेश खन्ना का नाम भी शामिल किया जा सकता है. लेकिन उनमें और बाकियों में एक बड़ा अंतर यह है कि वे एक समय हिंदी सिनेमा के सुपरसितारे भी रहे.