तुर्की में दो साल से लागू आपातकाल खत्म कर दिया गया है. बीबीसी के मुताबिक तुर्की के सरकारी मीडिया ने आज यह खबर दी है. साल 2016 के दौरान तुर्की में सेना के एक गुट द्वारा तख्तापलट की कोशिश की गई थी. लेकिन राष्ट्रपति रजब तैयब एर्दोआन ने उस कोशिश को नाकाम कर दिया था. तब से तुर्की में आपातकाल लगा हुआ था और इस बीच सरकार ने इसे सात बार आगे बढ़ाया.

आपातकाल हटाए जाने का यह फैसला एर्दोआन के दोबारा चुनाव जीतने के कुछ हफ्तों बाद आया है. चुनाव के दौरान एर्दोआन ने वादा किया था कि दोबारा राष्ट्रपति बनने पर वे आपातकाल खत्म कर देंगे. इसके साथ उनका यह भी कहना था कि वे आतंकवाद का सामना करने के लिए नए सख्त कानून लाएंगे. अल जजीरा के मुताबिक इस बारे में एक प्रस्तावित कानून अगले हफ्ते तुर्की की संसद में पेश किया जा सकता है. यही वजह है कि सरकार विरोधियों का कहना है कि आपातकाल खत्म होने से मौजूदा स्थिति में कोई बदलाव नहीं आएगा. इनके मुताबिक सरकार जिस तरह के कानून ला रही है उनसे आपातकाल जैसी व्यवस्था स्थायी रूप से लागू हो जाएगी.

20 जुलाई, 2016 को तुर्की में तख्तापलट की कोशिश की गई थी. उस दौरान 250 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी. इसके बाद ही तुर्की में आपातकाल लगा था और सरकार ने हजारों लोगों को हिरासत में लेकर उनके खिलाफ देशद्रोह के मुकदमे दर्ज किए थे. इसके अलावा कई लोगों को सरकारी सेवा से हटाया गया था. इन सब पर इस्लामिक नेता फेतुल्लाह गुलेन का समर्थन करने का आरोप था. किसी जमाने में एर्दोआन के सहायक रहे गुलेन फिलहाल अमेरिका में निर्वासित जीवन जी रहे हैं. 2016 में हुई बगावत के पीछे उन्हें ही जिम्मेदार ठहराया जाता है, हालांकि वे इससे इनकार करते रहे हैं.