उत्तराखंड के चीफ जस्टिस केएम जोसेफ को सुप्रीम कोर्ट में पदोन्नत किए जाने के लिए कोलेजियम (सुप्रीम कोर्ट में जजों की नियुक्ति की सिफारिश करने वाली टीम) ने उनका नाम एक बार फिर आगे बढ़ाया है. इसके साथ ही कोलेजियम ने मद्रास हाईकोर्ट की जस्टिस इंदिरा बनर्जी और ओडिशा हाईकोर्ट के जस्टिस विनीत सरन को भी सुप्रीम कोर्ट में पदोन्निति दिए जाने की सिफारिश की है.

द इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक इन तीनों नामोंं की सिफारिश करने वाले कोलेजियम में सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस दीपक मिश्र, जस्टिस रंजन गोगोई, मदन बी लोकुर, कुरियन जोसेफ और एके सीकरी शामिल थे. जस्टिस केएम जोसेफ को सुप्रीम कोर्ट में पदोन्नत किए जाने के लिए कोलेजियम की तरफ से उनके नाम की सिफारिश दूसरी बार की जा रही है. इससे पहले इसी साल जनवरी में उनके नाम को आगे बढ़ाया गया था. लेकिन तब करीब तीन महीनों के इंतजार के बाद विधि मंत्रालय ने जस्टिस जोसेफ के नाम को कोलेजियम के समक्ष पुनर्विचार के लिए वापस लौटा दिया था. विधि मंत्रालय ने इसके लिए उनकी वरिष्ठता पर सवाल उठाए थे. साथ ही उसने कोलेजियम को कलकत्ता, राजस्थान, गुजरात झारखंड के हाईकोर्ट से प्रतिनिधित्व करने वाले जजों को सुप्रीम कोर्ट में लाए जाने का तर्क भी दिया था.

हालांकि सरकार के इस फैसले पर तब अदालती गलियारों में यह चर्चा तेजी से उठी थी कि जस्टिस केएम जोसेफ के नाम को लेकर केंद्र सरकार सहज नहीं है. विपक्ष ने आरोप लगाया था कि केएम जोसेफ ने उत्तराखंड में राष्ट्रपति शासन हटाकर कांग्रेस सरकार बहाल करने का फैसला सुनाया था जिससे भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की काफी किरकिरी हुई थी, इसीलिए वह उन्हें सुप्रीम कोर्ट में पदोन्नत नहीं करना चाहती.