जस्टिस विजया कमलेश (वीके) ताहिलरमानी को मद्रास हाईकोर्ट का चीफ जस्टिस बनाया जा सकता है. वे फिलहाल बॉम्बे हाईकोर्ट में पदस्थ हैं. मद्रास हाईकोर्ट में चीफ जस्टिस के तौर पर वे जस्टिस इंदिरा बनर्जी की जगह लेने वाली हैं, जिन्हें सुप्रीम कोर्ट का जज बनाने की सिफारिश की गई है. ख़बरों के मुताबिक जस्टिस ताहिलरमानी मद्रास हाईकोर्ट में चीफ जस्टिस बनती हैं तो वे इस अदालत में यह पद संभालने वाली लगातार दूसरी महिला होंगी.

सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने इसके साथ पटना हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस राजेंद्र मेनन को दिल्ली स्थानांतरित करने की भी सिफारिश की है. वे दिल्ली हाईकोर्ट की कार्यवाहक चीफ जस्टिस गीता मित्तल की जगह ले रहे हैं. जस्टिस मित्तल को जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट का चीफ जस्टिस बनाने की सिफारिश की गई है. कॉलेजियम ने गुजरात हाईकोर्ट के जज जस्टिस एमआर शाह को तरक्की देकर पटना हाईकाेर्ट का चीफ जस्टिस बनाने की सिफारिश की है. वे दिल्ली स्थानांतरित किए गए जस्टिस मेनन की जगह लेंगे.

इन जजों को मिलाकर सात उच्च न्यायालयों में नए मुख्य न्यायाधीशों की नियुक्ति की सिफारिश की गई है. इनमें ऐसे ही केरल हाईकोर्ट के कार्यवाहक चीफ जस्टिस ऋषीकेश रॉय को इसी अदालत में मुख्य न्यायाधीश बनाने की सिफारिश की है. इनके अलावा गुजरात हाईकोर्ट के जस्टिस केएस झावेरी को ओडिशा हाईकोर्ट का चीफ जस्टिस बनाने की सिफारिश हुई है. वे ओडिशा के चीफ जस्टिस विनीत सरन की जगह ले रहे हैं, जिन्हें सुप्रीम कोर्ट में जज बनाया जा रहा है.

कलकत्ता हाईकोर्ट के जस्टिस अनिरुद्ध बोस को झारखंड हाईकोर्ट का चीफ जस्टिस बनाने की सिफारिश हुई है. कॉलेजियम ने इससे पहले जनवरी में बोस को सीधे दिल्ली हाईकोर्ट का चीफ जस्टिस बनाने की सिफारिश की थी. लेकिन केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने यह सिफरिश लौटा दी थी. यह कहते हुए कि दिल्ली हाईकोर्ट बड़ी अदालत है. यहां अक़्सर संवेदनशील मामले आते हैं. ऐसे में किसी मौज़ूदा चीफ जस्टिस को ही स्थानांतरण के आधार पर दिल्ली में पदस्थ करने की परंपरा रही है.