सुप्रीम कोर्ट ने सोेमवार को एक आदेश जारी करते हुए कहा कि सरकार मध्य दिल्ली की जंतर-मंतर और बोट क्लब जैसी जगहों पर विरोध प्रदर्शन पर पूरी तरह से रोक नहीं लगा सकती. बार एण्ड बेंच की रिपोर्ट के मुताबिक न्यायमूर्ति एके सीकरी और अशोक भूषण की पीठ ने मजदूर किसान शक्ति संगठन नाम के एक गैरसरकारी संगठन की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह निर्णय दिया. अदालत ने कहा कि सरकार इन जगहों पर होने वाले विरोध प्रदर्शनों को नियंत्रित करने के लिए दिशा-निर्देश जारी कर सकती है.

याचिकाकर्ताओं ने अपनी दलील में कहा था कि दिल्ली पुलिस कई वर्षों से इन क्षेत्रों में प्रदर्शन करने पर निषेधाज्ञा जारी करती रही है. उनके मुताबिक यह सीधे तौर पर शक्तियों का दुरुपयोग और प्रदर्शन करने के नागरिकों के मौलिक अधिकार का हनन है. याचिकाकर्ताओं की तरफ से वकील प्रशांत भूषण उपस्थित हुए जबकि सरकार का प्रतिनिधित्व अतिरिक्त सालिसिटर जनरल तुषार मेहता कर रहे थे.

बीते साल अक्टूबर में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन पर रोक लगा दी थी. इसके बाद नई दिल्ली नगरपालिका परिषद और दिल्ली पुलिस ने इस जगह को खाली करा लिया था. उस समय वहां करीब 17 संगठनों ने अपने टेंट लगाए हुए थे.