देश भर में मॉब लिचिंग की बढ़ती घटनाओं के बाद केंद्र सरकार ने इस मसले पर कानून बनाने के लिए एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया है. केंद्रीय गृह सचिव राजीव गौबा की अध्यक्षता में गठित इस चार सदस्यीय समिति को चार महीने में अपनी सिफारिशें सौंपनी हैं. इसके अलावा केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में मंत्रियों का एक समूह भी बनाया है. यह समूह भी इस मुद्दे पर अपने सुझाव देगा. उसे अपनी रिपोर्ट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सौंपनी है.

हाल के समय में देश के अलग-अलग हिस्सों में भीड़ द्वारा लोगों को मारने की कई घटनाएं हुई हैं. बीते चार महीने के दौरान इन घटनाओं में 25 से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं. इस तरह की घटनाओं पर हाल में सुप्रीम कोर्ट ने भी चिंता जताई थी. उसने कहा था कि भीड़ की हिंसा से निपटने के लिए संसद को अलग से एक कानून बनाना चाहिए. शीर्ष अदालत का ये भी कहना था कि इस तरह की हिंसा को सामान्य चलन नहीं बनने दिया जा सकता.