भ्रष्टाचार और काला धन जमा करने के आरोपों में 10 साल कै़ेद की सज़ा काट रहे पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ को अगर जेल में लंबे समय तक रखा गया तो उनकी किडनियां फेल हो सकती हैं. नवाज़ शरीफ का मेडिकल चैकअप करने वाली डॉक्टरों की टीम ने पंजाब के स्वास्थ्य सचिव को सौंपी अपनी रिपोर्ट में यह उल्लेख किया है. साथ ही नवाज़ को जल्द अस्पताल में दाख़िल कराने की सिफारिश की है.

रावलपिंडी की अडियाला जेल में 13 जुलाई से क़ैद 68 वर्षीय नवाज़ ने शनिवार को तबीयत ख़राब होने की शिकायत की थी. इसके बाद रावलपिंडी इंस्टीट्यूट ऑफ कार्डियोलॉज़ी (आरआईसी) मुख्य कार्यकारी मेजर जनरल (रिटायर्ड) डॉक्टर अज़हर महमूद कयानी के नेतृत्व में डॉक्टरों की टीम ने जेल में नवाज़ का मेडिकल चैकअप किया. इस टीम ने अपनी रिपोर्ट में साफ लिखा है कि नवाज़ की किडनियां फेल होने के कगार पर हैं. उन्हें तुरंत अस्पताल में दाख़िल कराने की ज़रूरत है.

द हिंदू के मुताबिक पाकिस्तानी अख़बार द एक्सप्रेस ट्रिब्यून ने इस रिपोर्ट के हवाले से ख़बर दी है. मेडिकल रिपोर्ट के अनुसार नवाज़ के शरीर में पानी की कमी हो गई है. उनका धड़कनें अनियमित हैं. खून में यूरिया की मात्रा बहुत ज़्यादा हो चुकी है. इधर जेल प्रशासन का कहना है कि वह पंजाब के गृह विभाग के आदेश का इंतज़ार में है. अगर वहां से आदेश मिला तो नवाज़ को तुरंत अस्पताल ले जाया जाएगा.

वैसे ध्यान रखने की बात है कि पंजाब में नवाज़ शरीफ की पार्टी पीएमएल-एन (पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज़) का लंबे समय से शासन है. नवाज़ के छोटे भाई शाहबाज़ वहां के मुख्यमंत्री रहे हैं. फिलहाल पाकिस्तान के आम चुनाव में शाहबाज़ ही पार्टी अगुवाई कर रहे हैं. पार्टी की ओर से शाहबाज़ ही प्रधानमंत्री के उम्मीदवार भी हैं. पाकिस्तान में 25 जुलाई को आम चुनाव के लिए मतदान होना है.