देश के तीन राज्यों - मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ - में होने वाले चुनावों में गठबंधन को लेकर बसपा प्रमुख मायावती ने कांग्रेस को साफ संदेश दिया है. मायावती ने कहा है कि उनकी पार्टी गठबंधन के तहत तभी चुनाव लड़ेगी जब उसे सम्मानजनक संख्या में सीटें दी जाएंगी. एनडीटीवी के मुताबिक उन्होंने कहा, ‘बसपा, कांग्रेस को यह बताना चाहती है कि राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में गठबंधन को लेकर जो प्रतिक्रियाएं कांग्रेस नेताओं ने दी हैं वे कांग्रेस पर भी लागू होती हैं.’

दरअसल मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के कांग्रेस नेताओं को लगता है कि मायावती के साथ गठबंधन करने में दोनों राज्यों में पार्टी को फायदा होगा. लेकिन राजस्थान के कांग्रेस नेता गठबंधन का विरोध कर रहे हैं. उनका कहना है कि बसपा से गठबंधन लंबे समय में कांग्रेस के लिए खतरनाक होगा. इस मुद्दे पर पिछले हफ्ते हुई पार्टी की बैठक में कोई फैसला नहीं हो पाया. कहा जा रहा है कि इसे लेकर बसपा में गुस्सा है.

उधर, विधानसभा चुनावों के अलावा अगले साल होने वाले लोकसभा चुनावों के लिए भी बसपा की भूमिका अहम मानी जा रही है, खास तौर पर उत्तर प्रदेश के संदर्भ में. मई में कर्नाटक के मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी के शपथ ग्रहण समारोह में इसकी झलक देखने को मिली थी. समारोह में सोनिया गांधी जिस तरह मायावती से मिलीं वह आगामी चुनावों को लेकर बसपा की अहमियत का संकेत दे गया.

पिछले महीने मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के संबंध में कांग्रेस ने मायावती से गठबंधन को लेकर बात भी की थी. उसके कुछ दिन बाद बसपा के एक नेता ने दावा किया कि कांग्रेस के साथ गठबंधन नहीं होगा और बसपा अकेले राज्य की 230 सीटों पर चुनाव लड़ेगी. इसके तीन दिन बाद मायावती ने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को चेतावनी दी कि वे गठबंधन की संभावना को लेकर सार्वजनिक टिप्पणियां करते समय सावधानी बरतें.