‘प्रधानमंत्री को गले लगाना राहुल गांधी की अपरिपक्वता दिखाता है.’  

— योगी आदित्यनाथ, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की आलोचना करते हुए यह बयान दिया है. उन्होंने बुधवार को कहा, ‘यह देश राहुल गांधी की बचकानी हरकतों को पहले ही खारिज कर चुका है. अविश्वास प्रस्ताव ने कांग्रेस को बेनकाब कर दिया है. इस दौरान उनके बयानों और हरकतों ने राहुल गांधी का वास्तविक व्यक्तित्व सामने ला दिया है.’ वहीं मॉब लिंचिंग की घटनाओं के बारे में आदित्यनाथ ने कांग्रेस पर आरोप लगाया है कि वह इसे तिल का ताड़ बनाने की कोशिश कर रही है. उन्होंने आगे कहा, ‘यदि आप मॉब लिंचिंग की बात करते हैं, तब जो सिख विरोधी दंगे के दौरान 1984 में हुआ था वह क्या था.’ योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राज्य सरकार सबको सुरक्षा प्रदान करेगी, लेकिन लेकिन यह हर व्यक्ति और हर धर्म की भी जिम्मेदारी है कि वह एक-दूसरे की धार्मिक भावनाओं का आदर करे.

‘मराठों की मांग जायज है इसलिए उन्हें आरक्षण मिलना चाहिए.’  

— रामदास अठावले, केंद्रीय सामाजिक न्याय और सशक्तिकरण मंत्री

रिपब्लिकन पार्टी आॅफ इंडिया (अठावले) के अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले का यह बयान महाराष्ट्र में मराठों की आरक्षण की मांग का समर्थन करते हुए बुधवार को आया. उन्होंने कहा, ‘मैं मराठों के आरक्षण आंदोलन का समर्थन करता हूं लेकिन उनसे अपील करता हूं कि वे शांतिपूर्वक प्रदर्शन करें.’ यह मांग पूरा करने के लिए लिए आरक्षण की मौजूदा सीमा बढ़ाने का समर्थन करते हुए रामदास अठावले ने कहा, ‘हमें इसके लिए संसद में कानून बनाने की जरूरत है ताकि आरक्षण की 50 फीसदी की मौजूदा सीमा बढ़कर 75 फीसदी हो जाए.’ इसके साथ उन्होंने आश्वासन दिया है कि वे इस मसले को एनडीए की बैठक में भी उठाएंगे. महाराष्ट्र में नौकरियों और शिक्षण संस्थानों में आरक्षण की मांग करते हुए राज्य का मराठा समुदाय पिछले कुछ दिनों से आंदोलनरत था. हालांकि आश्वासन मिलने के बाद यह आंदोलन आज खत्म हो गया है.


‘इस मॉनसून में प्रधानमंत्रियों की बारिश हो रही है.’  

— संबित पात्रा, भाजपा नेता

भाजपा नेता और प्रवक्ता संबित पात्रा का यह बयान बुधवार को कांग्रेस पर तंज कसते हुए आया. इससे पहले कांग्रेस ने संकेत दिया कि पार्टी राहुल गांधी के बजाय अपने किसी सहयोगी पार्टी के नेता को भी प्रधानमंत्री पद के लिए आगे कर सकती है. संबित पात्रा ने कहा, ‘कांग्रेस ने पहले राहुल गांधी को प्रधानमंत्री के उम्मीदवार के रूप में आगे किया और अब उसका कहना है कि किसी और को भी इस पद के लिए स्वीकार किया जा सकता है.’ इसके बाद उन्होंने कहा, ‘पर यह मत भूलिए कि प्रधानमंत्री केवल दो अक्षर वाला शब्द है. इसमें पी का अर्थ प्रदर्शन है जबकि एम का मतलब मेहनत है.’ परोक्ष रूप से इस पद के लिए नरेंद्र मोदी को उपयुक्त करार देते हुए संबित पात्रा ने सवालिया अंदाज में यह भी कहा कि क्या अब भी बताने की जरूरत है कि इस पद पर किसे बैठना चाहिए.


‘एससी-एसटी एक्ट पर फैसला देने वाले जज को एनजीटी अध्यक्ष पद से हटाया जाए.’  

— चिराग पासवान, लोक जनशक्ति पार्टी के नेता

केंद्र सरकार में भागीदार लोक जनशक्ति पार्टी के नेता और केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान के बेटे चिराग पासवान का यह बयान एक साक्षात्कार के दौरान बुधवार को आया. उन्होंने केंद्र के समक्ष अपनी मांग रखते हुए कहा, ‘केंद्र से हमारी दो मांग हैं. पहली यह कि एससी-एसटी मुद्दे पर सरकार तुरंत एक अध्यादेश लाए और दूसरी यह कि इस पर फैसला देने वाले सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस एके गोयल की एनजीटी चेयरमैन के रूप में नियुक्ति तत्काल रद्द की जाए.’ चिराग पासवान ने कहा है, ‘यह नियुक्ति दलितों के जख्म पर नमक छिड़कने जैसी है. इससे दलितों के बीच बहुत गलत संदेश गया है. एनडीए के सभी दलित सांसदों की भी यही राय है.’ उन्होंने यह उम्मीद जताई है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उनकी मांग जरूर सुनेंगे. वहीं ऐसा न होने पर दलितों के उग्र आंदोलन की चेतावनी भी उन्होंने दी है.


 ‘यूरोपीय संघ को आयात की सभी बाधाओं को खत्म करना चाहिए.’  

— डोनाल्ड ट्रंप, अमेरिका के राष्ट्रपति

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का यह बयान यूरोपीय संघ के अध्यक्ष जीन-क्लाउडे से अमेरिका में उनकी होने वाली मुलाकात से ठीक पहले बुधवार को आया. उन्होंने कहा, ‘यूरोपीय संघ के अध्यक्ष एक व्यापार समझौते पर बातचीत करने के लिए बुधवार को व्हाइट हाउस आ रहे हैं. उनके लिए मेरा एक सुझाव है कि अमेरिका और यूरोप दोनों अपने सभी टैरिफ, बाधाओं और सब्सिडी को खत्म कर दें.’ डोनाल्ड ट्रंप ने आगे कहा, ‘ऐसा करने से स्वतंत्र बाजार और निष्पक्ष कारोबार हो पाएगा. हमें उम्मीद है कि वे ऐसा करेंगे.’ उन्होंने आगे कहा कि अमेरिका इसके लिए तैयार है. इससे पहले इस साल की शुरुआत में अमेरिका ने यूरोप के कई उत्पादों पर आयात शुल्क बढ़ा दिया था.