चर्चित कारोबारी अनिल अंबानी ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को पत्र लिखकर कहा है कि फ्रांसीसी समूह डसॉल्ट द्वारा उनकी कंपनी को स्थानीय भागीदार के रूप में चुने जाने में मोदी सरकार की कोई भूमिका नहीं है. पिछले हफ्ते लोकसभा में राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर आरोप लगाया था कि अनिल अंबानी को लाभ पहुंचाने के लिए यह सौदा किया गया. कांग्रेस अध्यक्ष का कहना था कि हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड के साथ समझौता इसलिए नहीं किया गया कि सरकार कर्ज में डूबे एक कारोबारी की मदद करना चाहती थी. कुछ समय पहले गुजरात विधानसभा चुनाव के लिए प्रचार करते हुए भी राहुल गांधी ने यह आरोप लगाया था.

अनिल अंबानी ने पत्र में अनुभव की कमी के राहुल गांधी के आरोपों को भी खारिज किया है. पीटीआई के मुताबिक इसमें लिखा है, ‘न केवल हमारे पास जरूरी अनुभव है बल्कि रक्षा विनिर्माण के कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में हम सबसे आगे हैं’. उन्होंने कहा है कि निजी क्षेत्र में रिलायंस डिफेंस के पास सबसे बड़ा शिपयार्ड है और यह भारतीय नौसेना के लिए पांच नैवल आफशोर पेट्रोल वेसल्स (एनओपीवी) बना रहा है. उनके मुताबिक इसके अलावा भारतीय तटरक्षकों के लिए तेज गति वाले 14 जहाज बनाए जा रहे हैं जो गश्त लगाने के काम आएंगे. अनिल अंबानी का यह भी कहना है कि डसॉल्ट के साथ रिलायंस के इस समझौते से भारत में हजारों नौकरियां पैदा होंगी.

पत्र में उन्होंने अंबानी परिवार के साथ कांग्रेस के रिश्तों का जिक्र भी किया है. उन्होंने लिखा है कि चार दशकों तक अंबानी परिवार और कांग्रेस के बीच मधुर संबंध रहे हैं. अनिल अंबानी ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष और अन्य नेताओं की बातें उन्हें दुखी करती हैं. पीटीआई के मुताबिक उन्होंने इसी तरह के पत्र कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला समेत कई दूसरे कांग्रेसी नेताओं को भी लिखे हैं.