केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार दिल्ली के तीन मूर्ति भवन में देश के सभी प्रधानमंत्रियों के सम्मान में संग्रहालय बनवाना चाहती है. हालांकि कांग्रेस इसके लिए अब तक तैयार नहीं हुई है क्योंकि वह यहीं स्थित नेहरू मेमोरियल म्यूज़ियम एंड लाइब्रेरी (एनएमएमएल) के रूवरूप में किसी तरह की तब्दीली नहीं चाहती. फिर भी सूत्रों की मानें तो सरकार अपने फैसले पर आगे बढ़ने वाली है.

द न्यू इंडियन एक्सप्रेस में छपी ख़बर के मुताबिक इसी गुरुवार को एनएमएमएल की 43वीं वार्षिक आम सभा हुई थी. बैठक के दौरान तीन मूर्ति भवन में देश के सभी प्रधानमंत्रियों के सम्मान में संग्रहालय बनाने के मसले पर भी चर्चा हुई. लेकिन कांग्रेस ने इसका सख़्त विरोध किया. उसकी दलील थी कि यह पंडित जवाहरलाल नेहरू की धरोहर है. इसके स्वरूप में किसी भी तरह के बदलाव का मतलब उनकी विरासत में छेड़छाड़ से लगाया जाएगा. लेकिन बैठक के दौरान अन्य तमाम पक्षों ने सरकार के विचार का समर्थन किया.

इस बैठक में कांग्रेस का प्रतिनिधित्व में लोक सभा में पार्टी के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने किया. उन्होंने सुझाव दिया गया कि अन्य प्रधानमंत्रियों की याद में किसी और जगह संग्रहालय बनाया जाना चाहिए. लेकिन उनके विरोध को ज़्यादा तवज्ज़ो नहीं मिली. केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में यह फैसला लगभग कर लिया गया है कि तीन मूर्ति भवन में ही देश के सभी प्रधानमंत्रियों की याद में एक छोटा संग्रहालय बनाया जाएगा. यहां एनएमएमएल भी अपने मूल स्वरूप में बना रहेगा.

हालांकि अभी इस पर कोई फैसला नहीं हुआ है कि नए बनने वाले छोटे संग्रहालय में पंडित नेहरू को जगह दी जाएगी या नहीं. सूत्र बताते हैं कि बैठक में मौज़ूद कई प्रतिनिधियों का तर्क था कि चूंकि पूरा परिसर ही पंडित नेहरू के नाम पर है. उनके नाम पर पहले से बना संग्रहालय भी जस का तस रहने वाला है. इसलिए नए संग्रहालय में उन्हें जगह देने की ज़रूरत नहीं है. फिर भी कुछ अन्य पक्षों की दलील थी कि नए संग्रहालय में भी पंडित नेहरू को जगह दी जानी चाहिए. इसमें उनकी अनदेखी नहीं की जा सकती.

ग़ौरतलब है कि आज़ादी के ठीक बाद 17 साल तक देश के प्रधानमंत्री रहे पंडित जवाहरलाल नेहरू तीन मूर्ति भवन में ही रहते थे. उनके निधन के बाद उनके आवास को संग्रहालय-सह-पुस्तकालय में तब्दील कर दिया गया था. इसका संचालन एक स्वायत्ता सोसायटी करती है. सोसायटी केंद्र के संस्कृति मंत्रालय के तहत आती है.