समाजसेवी अन्ना हजारे ने मोदी सरकार पर लोकपाल की नियुक्ति में देरी का आरोप लगाते हुए एक बार फिर अनशन करने की घोषणा की है. रविवार को महाराष्ट्र के रालेगण सिद्धि में अन्ना हजारे ने कहा कि वे दो अक्टूबर से अनशन पर बैठेंगे.

पीटीआई के मुताबिक अन्ना ने कहा, ‘गांधी जयंती पर मैं महाराष्ट्र के अहमदनगर स्थित गांव रालेगण सिद्धि में आमरण अनशन शुरु करूंगा.’ उन्होंने केंद्र की एनडीए सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि उनसे वादा किया गया था कि लोकपाल की नियुक्ति पर जल्द ही फैसला लिया जाएगा. लेकिन, इस सरकार में भ्रष्टाचार से लड़ने की इच्छाशक्ति नहीं दिखती है. अन्ना ने भ्रष्टाचार मुक्त भारत बनाने के लिए अाम लोगों से भी अपने आंदोलन में शामिल होने की अपील की है.

समाजसेवी अन्ना हजारे साल 2011 में राजधानी दिल्ली में 12 दिनों की भूख हड़ताल के बाद देश में लोकपाल आंदोलन का चेहरा बन गए थे. उनके आमरण अनशन के बाद ही तत्कालीन यूपीए सरकार ने सदन में लोकपाल विधेयक पारित कराया था.