कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने दलितों और अल्पसंख्यकों के खिलाफ हुई हिंसक घटनाओं को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर एक बार फिर निशाना साधा है. रविवार को उन्होंने कहा, ‘भाजपा शासित प्रदेशों में दलित और अल्पसंख्यक वर्ग आज डर के साये में जी रहे हैं. इन पर होने वाले अत्याचारों की राज्य की संबंधित सरकारें अनदेखी कर रही हैं.’ राहुल गांधी ने अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं से हिंसा के पीड़ित इन लोगों के साथ संपर्क करने के अलावा उनकी मदद करने और ऐसी घटनाओं को सार्वजनिक मंचों पर उठाने के लिए भी कहा है.

खबरों के मुताबिक इस संबंध में बीते हफ्ते की 27 तारीख को राहुल गांधी ने कांग्रेस कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) के अनुसूचित जाति विभाग को एक पत्र लिखा था. इसमें उन्होंने कहा था कि दलितों और अल्पसंख्यक समुदायों के खिलाफ हिंसा की ऐसी घटनाएं जिनमें प्रदेश की एजेंसियां शामिल रही हों उनका भांडाफोड़ किया जाना चाहिए. साथ ही ऐसी वारदातें जिनमें राज्य सरकारें दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई करने में नाकाम रही हों उन्हें भी आम जनता के सामने लाया जाना चाहिए.

अगले साल होने वाले आम चुनाव और इसी साल के ​आखिर में मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान के विधानसभा चुनाव के मद्देनजर लाइवमिंट ने राहुल गांधी के इस कदम को प्रासंगिक करार दिया है. उधर, द टाइम्स आॅफ इंडिया ने लिखा है कि राहुल गांधी ने यह राजनीतिक संदेश ऐसे समय पर दिया है जब अगले महीने की नौ तारीख को अनुसूचित जाति, जनजाति (अत्याचार रोकथाम) कानून को लेकर दलित समूहों ने राष्ट्रव्यापी बंद का आह्वान किया है.