पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ को इलाज़ के लिए ज़रूरत पड़ने पर लंदन भी भेजा जा सकता है. भ्रष्टाचार और काला धन जमा करने के आरोपों में अदालत द्वारा दोषी क़रार दिए जाने के बाद नवाज़ को 10 साल क़ैद की सज़ा हुई है. वे पिछले दिनों चुनाव के दौरान लंदन से पाकिस्तान लौटे थे. लौटते ही उन्हें ग़िरफ़्तार कर रावलपिंडी की अडियाला जेल भेज दिया गया था.

पाकिस्तानी मीडिया में आई ख़बरों के मुताबिक जेल में 68 वर्षीय नवाज़ की तबीयत ज़्यादा बिगड़ने के बाद उन्हें इस्लामाबाद के पाकिस्तान इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज़ (पिम्स) के कार्डियक सेंटर में भर्ती कराया गया था. लेकिन उनकी हालत अब तक स्थिर है. इसीलिए जैसी कि द न्यूज़ इंटरनेशनल ने सूत्रों के हवाले से ख़बर दी है, सरकार उन्हें इलाज़ के लिए दो अगस्त तक लंदन भेजने पर गंभीरता से विचार कर रही है. इस बीच सरकार ने अस्पताल में नवाज़ के प्राइवेट वॉर्ड को ही सबजेल घोषित कर दिया है.

ख़बरों के मुताबिक नवाज़ का इलाज़ कर रहे डॉक्टर अदनान खान ने उनके कुछ परीक्षणों के आधार पर उन्हें तुरंत देश से बाहर भेजने की सिफारिश की है. वैसे ग़ौर करने की बात है कि नवाज़ की पत्नी कुलसुम भी इस वक़्त लंदन में ही हैं. उन्हें गले का कैंसर है और लंदन के एक अस्पताल में उनका भी इलाज़ चल रहा है.