परमाणु निरस्त्रीकरण की दिशा में बढ़ने का वादा करने के बावजूद उत्तर कोरिया अब भी इंटरकांटिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइलों (आईसीबीएम) के निर्माण में जुटा हुआ है. आईसीबीएम वे मिसाइलें होती हैं जो कम के कम 5500 किलोमीटर तक मार कर सकती हैं. समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक अमेरिका के उच्च अधिकारियों ने यह बात सोमवार को खुफिया जानकारियों और जासूसी उपग्रह से ली तस्वीरों के आधार पर कही है. इन तस्वीरों में उत्तर कोरिया के सानुमडोंग इलाके में स्थित परमाणु अनुसंधान केंद्र में आईसीबीएम को एक से दूसरी जगह ले जाने वाले वाहनों की आवाजाही भी देखने को मिली है.

इससे पहले सानुमडोंग के ही परीक्षण केंद्र में उत्तर कोरिया ने परमाणु हथियारों का परीक्षण किया था. साथ ही यहीं पर इसने ह्वांगसोंग-15 नाम की उस शक्तिशाली मिसाइल का निर्माण किया था जिसकी जद में पूरा अमेरिकी महाद्वीप आता है. उधर वॉशिंगटन पोस्ट ने भी लिखा है कि मौजूदा समय में उत्तर कोरिया तरल ईंधन वाली ऐसी एक या फिर दो मिसाइलों के निर्माण में जुटा हुआ है. इस बीच व्हाइट हाउस ने कहा है कि उत्तर कोरिया की ऐसी सभी संदिग्ध गतिविधियों पर बारीकी से नजर रखी जा रही है.

इससे पहले 12 जून को सिंगापुर में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड के साथ हुई ऐतिहासिक मुलाकात में उत्तर कोरिया के शासक किम जोंग-उन ने परमाणु निरस्त्रीकरण की दिशा में बढ़ने का भरोसा दिलाया था. तब इस मुलाकात को सफल बताते हुए डोनाल्ड ट्रंप ने यह भी कहा था कि अमेरिका के लोगों को अब परमाणु हमले के डर के साए में रहने की जरूरत नहीं है. इसके बाद उत्तर कोरिया ने अपने परमाणु रिएक्टरों को नष्ट करने वाली कुछ तस्वीरें भी साझा की थीं.