भगोड़े कारोबारी विजय माल्या के प्रत्यर्पण के मामले में सुनवाई करते हुए लंदन की अदालत ने भारत के आगे एक मांग रखी है. लंदन के वेस्टमिन्स्टर मजिस्ट्रेट कोर्ट ने कहा है कि भारत उसे मुंबई स्थित आर्थर रोड जेल का वीडियो मुहैया कराए जहां भारतीय अधिकारियों ने माल्या को रखे जाने की बात कही है. इसके साथ ही कोर्ट ने विजय माल्या को मिली जमानत की मियाद बढ़ाते हुए सुनवाई स्थगित कर दी. लंदन की अदालत में फिलहाल इस मामले की अंतिम सुनवाई चल रही है. इसके तहत आज अभियोजन व बचाव पक्ष की तरफ से अंतिम दलीलें पेश की गईं और इसी के बाद सुनवाई कर रहे जज ने आर्थर रोड जेल का वीडियो मांगा है.

इससे पहले विजय माल्या के वकील ने कोर्ट में दलील दी थी कि भारतीय जेलों में क्षमता से बहुत ज्यादा कैदी रखे जाते हैं और यहां साफ-सफाई की स्थिति भी बहुत खराब है, लिहाजा माल्या को इन जेलों में न भेजा जाए. पिछले साल दिसंबर में हुई सुनवाई के दौरान माल्या के वकील ने कोर्ट में कहा था कि आर्थर रोड जेल की जिस बैरक नंबर 12 में माल्या को रखा जाएगा उसकी हालत बिलकुल भी संतोषजनक नहीं है. इस पर भारत का पक्ष रखने वाले पैनल (क्राउन प्रॉसिक्यूशन सर्विस) ने कहा था कि इस संबंध में तस्वीरें पेश की गई हैं, इसलिए जेल के अलग से निरीक्षण की जरूरत नहीं है. हालांकि अब कोर्ट ने भारत सरकार को वीडियो उपलब्ध कराने को कहा. इस मामले की अंतिम सुनवाई 12 सितंबर को होनी है.

उधर, आज की सुनवाई के बाद मीडिया से बात करते हुए विजय माल्या ने कहा कि उन्होंने कर्ज अदायगी को लेकर कोई दया याचिका नहीं डाली है. माल्या ने कहा कि वे अपना सभी बकाया चुकाने को तैयार हैं. उन्होंने कहा, ‘पूरी रकम अभी तय होनी है. बैंकों की शिकायतों पर (मेरी) संपत्तियां जब्त नहीं की जा सकतीं. उन्हें बेचा भी नहीं जा सकता. अदालत को तय करने दीजिए कि क्या सही है.’