हैकर्स इंटरनेट की दुनिया में किसी पिक्चर के विलेन की तरह होते हैं. उनकी एंट्री के साथ ही लोगों की मुसीबतें बढ़ जाती हैं. पिछले दो-तीन दिनों में एक बार फिर ये सक्रिय हुए हैं और लोगों के फेसबुक और वाट्सएप अकाउंट हैक कर रहे हैं. ऐसा करने के लिए एक फेक लिंक वाला मैसेज भेजा जाता है. इस लिंक के साथ कुछ भी ऐसा लिखा हो सकता है जिसे पढ़कर आप उसे क्लिक करने का मन बना लेते हैं. उदाहरण के लिए लिंक के साथ यह लिखा हो सकता है कि आपकी फोटो किसी अडल्ट साइट पर देखी गई है. या सोशल मीडिया पर आपकी कोई अश्लील फोटो डाल दी गई है. या आपका नाम लॉटरी की लिस्ट में आया है. या फिर ऐसा ही कुछ और.

यूजर्स जैसे ही इस तरह के किसी लिंक पर क्लिक करते हैं, उन्हें फेसबुक या किसी अन्य सोशल मीडिया वेबसाइट जैसे दिखने वाले एक नकली पेज पर पहुंचा दिया जाता है. यहां पर उनकी लॉग इन डिटेल्स मांगी जाती हैं. हड़बड़ी में इसे भरते ही उनका सोशल मीडिया अकाउंट हैक हो जाता है. ऐसा भी हो सकता है कि लिंक पर क्लिक करते ही आपके सिस्टम या मोबाइल फोन में एक ऐसा प्रोग्राम इन्सटॉल हो जाए जो उसका पूरा या सीमित नियंत्रण हैकर के हाथ में दे दे.

इसके बाद हैकर्स आपके फेसबुक अकाउंट के इनबॉक्स या वाट्सएप में मौजूद संदेशों को खंगालते हैं. वे पता लगाते हैं कि आप किससे सबसे ज्यादा बात करते हैं और कौन से मित्र आपके सबसे ज्यादा करीब हैं. फिर वे आपके इन खास दोस्तों को आपकी तरफ से मैसेज करते हैं. इनमें पैसे मांगने की बात कही जाती है. हैकर द्वारा आपके मित्रों से बात करने का लहजा भी कुछ ऐसा होता है कि आपके पास इन संदेशों पर शक करने की कोई वजह नहीं होती. इसके बाद आपके कुछ मित्र उनके बताये मोबाइल फोन या बैंक अकाउंट में आपके लिए पैसे भेज देते हैं. यानी कि गलती आपकी लेकिन लुट जाते हैं आपके मित्र.

अभी तक जो मैसेज लोगों तक पहुंचे हैं वे कुछ ऐसे हैं

1. दोस्त मुझे पैसों की बहुत जरूरत है. मुझे अपनी मां का ऑपरेशन कराना है. तुम मुझे 50 हजार रुपये दे दो. हर महीने सैलरी से पांच हजार रुपये देता रहूंगा या रहूंगी.

2. मेरे घर में चाचा से झगड़ा हो गया. मेरे पापा के तीन गोलियां लगी हैं. अगर आप मेरी कुछ मदद कर सकते हैं, तो प्लीज कुछ कर दीजिए, उनकी जान बच जाएगी. इलाज में 15 लाख रुपये खर्च हो रहे हैं.

3. यार क्या मेरी एक हेल्प कर सकते हो. मेरा दोस्त ट्रैवल कर रहा है, उसे कुछ पैसे चाहिए. मैं ऑनलाइन ट्रांसफर नहीं कर पा रही हूं. तुम उसे पांच हजार रुपये ट्रांसफर कर दो. मैं लौटते हुए ऑफिस में दे दूंगी. मेरे इस नंबर पर वाट्सएप मैसेज करो.

बचने के लिए क्या करें

तकनीक की भाषा में कहें तो नकली वेबसाइट पर लॉग इन कराने की करतूत को फिशिंग अटैक कहा जाता हैं. हैकर इसका इस्तेमाल यूजर का पासवर्ड चुराने के लिए करते हैं. दूसरी तरफ एक एक्टिव प्रोग्राम को किसी यूजर के सिस्टम में इंस्टॉल करने को ट्रोजन अटैक कहा जाता है. ट्रोजन के आपके सिस्टम में आते ही उसका नियंत्रण हैकर के हाथ में आ जाता है. अब वह उसके साथ कुछ भी छेड़-छाड़ कर सकता है.

इन दोनों हमलों से बचने के लिए किसी भी लिंक पर क्लिक करने से पहले उसे अच्छे से जांच लें. अगर आपको लगता है कि आपके अकाउंट के साथ जालसाजी हुई है तो सबसे पहले अपना पासवर्ड बदलें. जिस लिंक के यूआरएल के साथ https के बजाय http हो उसे खोलने से परहेज करें. अगर आपका कोई करीबी वाट्सएप या फेसबुक के जरिए आपसे पैसे मांगता है तो मैसेज देखकर या वाट्सएप पर चैट करके ही उसे पैसे न भेजें.

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