आम्रपाली समूह की परियोजनाओं में निवेश करने वाले ग्राहकों के लिए सुप्रीम कोर्ट की तरफ से अच्छी खबर है. माना जा रहा है कि सुप्रीम कोर्ट आम्रपाली की अधूरी पड़ी परियोजनाओं को पूरा करने की जिम्मेदारी जल्दी ही सरकारी उपक्रम नेशनल बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन कॉरपोरेशन (एनबीसीसी) को दे सकता है. आम्रपाली की अधूरी परियोजनाओं को पूरा करने के लिए एनबीसीसी पहले ही इच्छा जाहिर कर चुका है.

द हिंदू के मुताबिक गुरुवार को इस संबंध में सुनवाई करते हुए जस्टिस अरुण मिश्रा और यूयू ललित की बेंच ने एनबीसीसी को इन अधूरी परियोजनाओं को पूरा करने में लगने वाले समय और इस पर होने वाले खर्च की एक विस्तृत रिपोर्ट बनाकर इसे 30 दिनों के भीतर कोर्ट में जमा करने के लिए कहा है.

इस दौरान अदालत ने आम्रपाली द्वारा 2765 करोड़ रुपये के कथित हेर-फेर किए जाने के मामले पर भी संज्ञान लिया और लेखा परीक्षक को इस पर एक रिपोर्ट पेश करने के आदेश दिए. इसके साथ ही समूह द्वारा कोर्ट में अब तक 250 करोड़ रुपये की रकम न जमा कराए जाने के मामले पर भी दोनों जजों ने नाराजगी जताई और समूह के इस व्यवहार को पूरी तरह ‘अनुचित’ करार दिया.

इससे पहले इसी बुधवार को इस मामले की सुनवाई करते हुए शीर्ष अदालत ने समूह की 40 कंपनियों के बैंक खातों और चल-अचल संपत्तियों को कुर्क करने का आदेश दिया था. साथ ही अदालत ने ‘निवेशकों से धोखाधड़ी’ करने और ‘न्यायालय के साथ ओछा खेल खेलने’ जैसी कड़ी टिप्पणियां करते हुए उसे तगड़ी फटकार भी लगाई थी.