बिहार के उपमुख्यमंत्री और वित्त मंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा है कि जीएसटी (वस्तु एवं सेवा कर) परिषद 12-18 फीसदी की दरों को 14-15 प्रतिशत में बदल सकती है. भारतीय चार्टर्ड अकाउंटेंट संस्थान के एक कार्यक्रम में उन्होंने यह बात कही. मोदी जीएसटी परिषद के वरिष्ठ सदस्य हैं. यह परिषद ही विभिन्न उत्पादाें पर जीएसटी दरों के बारे में फैसले लेती है.

हालांकि सुशील मोदी से यह भी जोड़ा कि दरों में परिवर्तन तभी होने की संभावना है जब जीएसटी संग्रह एक लाख करोड़ रुपए तक पहुंच जाए. जानकारों की मानें तो जीएसटी दरों में परिवर्तन होने पर उसमें सिर्फ चार दरें ही रह जाएंगी. साथ ही टेलीविज़न सेट्स, वॉशिंग मशीन, फ्रिज़ वग़ैरह और सस्ते हो सकते हैं क्योंकि इन उत्पादों को कुछ समय पहले ही 28 से 18 फीसदी की दर पर लाया गया था. हालांकि जानकारों का यह भी कहना है कि दराें में परिवर्तन के लिए नियमित एक लाख करोड़ रुपए के जीएसटी संग्रह का लक्ष्य हासिल करने में नौ महीने से एक साल तक लग सकते हैं. अब तक सिर्फ इस साल अप्रैल के महीने में ही एक लाख करोड़ रुपए जीएसटी संग्रह हुआ है.

वैसे ख़बरों की मानें तो थोड़े-बहुत उतार-चढ़ाव के साथ ही सही पर जीएसटी संग्रह एक लाख करोड़ रुपए के लक्ष्य तक पहुंच रहा है. बिज़नेस स्टैंडर्ड के हवाले से ही आई ख़बरों के मुताबिक इस साल में जून में 95,610 करोड़ रुपए जीएसटी का संग्रह हुआ. जबकि जुलाई में यह बढ़कर 96,500 करोड़ रुपए हो गया है. हालांकि सुशील मोदी ने ही जीएसटी संग्रह में अगले कुछ महीनों में गिरावट की संभावना भी ज़ताई है. उनके मुताबिक लगभग 100 उत्पादों पर कर की दर घटाने से अगले कुछ महीनों में जीएसटी संग्रह में 8,000 से 9,000 करोड़ रुपए की गिरावट आ सकती है. इसके साथ ही मोदी ने निकट भविष्य में पेट्रोल-डीज़ल को भी जीएसटी के दायरे में लाने की बात कही है.