न्यूज चैनल एबीपी के पत्रकारों – मिलिंद खांडेकर और पुण्य प्रसून बाजपेयी के इस्तीफे और अभिसार शर्मा को छुट्टी पर भेजे जाने की खबर कल से सोशल मीडिया पर चर्चा में है. पुण्य प्रसून बाजपेयी इस चैनल पर प्राइम टाइम के चर्चित कार्यक्रम ‘मास्टर स्ट्रोक’ के एंकर थे. कहा जाता है कि पिछले दिनों उन्होंने इस कार्यक्रम में ऐसी रिपोर्टें दिखाई थीं जिनसे केंद्र सरकार असहज थी. इसके अलावा अभिसार शर्मा भी कई मुद्दों पर सरकार को कटघरे में खड़ा करते रहे हैं. सोशल मीडिया पर एक बड़े तबके का मानना है कि सरकार के दबाव की वजह से ही खांडेकर और बाजपेयी को इस्तीफा देना पड़ा है और अभिसार शर्मा का शो बंद हो गया है. इस घटनाक्रम पर वरिष्ठ पत्रकार राजदीप सरदेसाई का ट्वीट है, ‘बीती रात एक बहुत ही उम्दा संपादक ने दबाव के चलते इस्तीफा दिया; आज एक लोकप्रिय और सम्मानित एंकर को इस्तीफा देना पड़ा. न्यूज चैनल और भारत सरकार को इस मामले पर बहुत से सवालों का जवाब देना होगा : मीडिया को दबाने के उलटे नतीजे निकलेंगे. मैं पुण्य प्रसून बाजपेयी और मिलिंद खांडेकर के समर्थन में हूं. फिर सुबह होगी!’

अभी तक इस मामले में तीनों पत्रकारों में से किसी की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है. फेसबुक और ट्विटर पर इसकी भी चर्चा है. आशुतोष उज्ज्वल ने तंज किया है, ‘बाजपेयी और शर्मा के वकील बहुत हैं, लेकिन वो खुद अपना केस डिस्कस करने को तैयार नहीं. वो जितने चुप हैं, वकील लोग उतने ही मुखर. एक बार मुंह तो खुलवा लो मीलॉर्ड.’

इन तीनों पत्रकारों में पुण्य प्रसून बाजपेयी सबसे वरिष्ठ हैं और उनकी हमेशा से सत्ताविरोधी छवि रही है. यही वजह है कि सोशल मीडिया पर वे सबसे ज्यादा चर्चा में हैं और कई लोगों ने चैनल से उनकी विदाई पर दुख जताया है.

सोशल मीडिया पर एबीपी चैनल से जुड़े इस घटनाक्रम को लेकर आई कुछ दिलचस्प प्रतिक्रियाएं :

बैटी | @MrBatty_

माना जा रहा है कि पुण्य प्रसून बाजपेयी को एबीपी न्यूज से तब निकाला गया जब उन्होंने पुण्य प्रसून भाजपाई बनने से मना कर दिया.

करण | @karanku100

एबीपी न्यूज
तब ....................................................अब

जेट ली (वसूली भाई) | @Vishj05

सिर्फ मोदी को मास्टर स्ट्रोक मारने का हक है. भारत में और कोई यह नहीं कर सकता.

अमित तिवारी | facebook/amit.tiwary7

पुण्य प्रसून बाजपेयी की नौकरी जाने का मुझे बहुत दुःख है...वो रह जाते तो सरकार केले-बताशे के साथ लोगों से माफ़ी मांगती.

हप्पूक्रैट‏ @AreeDada__

हर सहाफी (पत्रकार) कर रहा था हुकूमत की शान में मुजरा,
कुछ ने बगावत की तो सुल्तान को नागवार गुजरा.

सहाफी = पत्रकार