कांग्रेस के कद्दावर नेता और राज्य सभा सदस्य अहमद पटेल पर गंभीर आरोप लग रहे हैं. एनडीटीवी के मुताबिक प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने पटियाला हाउस कोर्ट को बताया है कि उसके पास पटेल के सरकारी आवास -23, मदर टेरेसा क्रेसेंट रोड पर 25 लाख रुपए की नगद रिश्वत पहुंचाए जाने के सबूत हैं. हालांकि पटेल ने इन आरोपों का खंडन किया है.

जांच एजेंसी ने अदालत में दावा किया है कि पटेल के ख़िलाफ़ आरोप साबित करने के लिए उसके पास गवाह भी हैं और सबूत भी. इन सबूतों में वित्तीय लेन-देन के दस्तावेज और फोन पर हुई बातचीत के अंश शामिल हैं. दरअसल ईडी ने गुजरात की कंपनी- स्टरलिंग बायोटेक के ख़िलाफ़ काले धन की जांच से जुड़े मामले में रंजीत मलिक नाम के शख्स को गिरफ्तार किया है. इसी सिलसिलें में वह शुक्रवार को पटियाला हाउस कोर्ट में मलिक की 15 दिन की हिरासत लेने की कोशिश कर रही थी. उसी दौरान अदालत में उसने पटेल से जुड़ा ख़ुलासा किया.

ईडी ने अदालत को बताया कि उसने राकेश चंद्रा नाम के एक शख्स का बयान भी दर्ज़ किया है. राकेश ने उसके सामने स्वीकार किया है कि उसने रंजीत मलिक के कहने पर पटेल के सरकारी निवास पर रिश्वत की नगद रकम पहुंचाई थी. ग़ौरतलब है कि स्टरलिंग बायोटेक पर आंध्रा बैंक के नेतृत्व वाले बैंकों के कंसोर्टियम (समूह) से 5,383 करोड़ रुपए का कर्ज़ फर्ज़ी तरीके से हासिल करने का आरोप है. बाद में कंपनी ने यह कर्ज़ चुकाया नहीं और पूरा पैसा बट्‌टे खाते में चला गया. यानी वह कर्ज़ जिसे अब वापस हासिल नहीं किया जा सकता.

यह मामला सामने आने के बाद पहले सीबीआई ने बीते साल 28 फरवरी को केस दर्ज़ कर जांच शुरू की थी. फिर ईडी ने भी अपने स्तर पर मामला दर्ज़ किया और काले धन से जुड़े मामले में अपनी जांच शुरू कर दी. ईडी ने इस मामले में अब तक स्टरलिंग बायोटेक की लगभग 4,701 करोड़ रुपए की संपत्ति भी ज़ब्त कर ली है.