यमन के बंदरगाह शहर अल-होदैदा पर हुए हवाई हमलों में अब तक 55 लोगों की जान जा चुकी है. गुरुवार को शहर के एक अस्पताल और मछली बाजार के आसपास कई हवाई हमले हुए थे. उस समय 20 से ज्यादा लोगों के मारे जाने की ख़बरें आई थीं. हाेदैदा यमन का चौथा सबसे बड़ा शहर है.

ताजा जानकारी के मुताबिक मरने वाली की संख्या अब बढ़ चुकी चुकी है. लगभग 170 लोग घायल बताए जा रहे हैं. अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन रेड क्रॉस ने इन हमलों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है, ‘इस बारे में अब भी कोई जानकारी नहीं है कि ये धमाके किन हालात में हुए. (लेकिन) मानवीय जीवन के प्रति ऐसा असम्मान निंदनीय है.’ यमन में रेड क्रॉस के प्रतिनिधि मंडल के प्रमुख जोहानेस ब्रुवर ने बताया, ‘होदैदा में भयानक मंज़र है. यमन में अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जा सकता.’

ग़ौरतलब है कि यमन में हूती विद्रोहियों और सुरक्षाबलों के बीच संघर्ष चल रहा है. यमन की सेना को सऊदी अरब का समर्थन हासिल है. वहीं, हूती विद्रोहियों को ईरान समर्थन दे रहा है. पिछले महीने दोनों तरफ से संघर्षविराम के संकेत दिए गए थे. तब घोषणा की गई थी कि इस मामले में संयुक्त राष्ट्र को हस्तक्षेप करने दिया जाएगा. लेकिन गुरुवार को हुए हवाई हमलों ने इस शहर में फिर कोहराम मचा दिया है.

आशंका है कि होदैदा में हुए इन हवाई हमलों के सऊदी अरब का हाथ हो सकता है. यह आशंका इसलिए मज़बूत होती है क्योंकि पिछले हफ्ते ही सऊदी अरब ने आरोप लगाया था कि लाल सागर स्थित उसकी एक तेल कंपनी के दो तेल टैंकरों पर हमला किया गया था. हूती विद्रोहियों के मीडिया केंद्रों ने भी आरोप लगाया है कि होदैदा पर हमले के लिए सऊदी अरब के नेतृत्व वाला सैन्य गठबंधन जिम्मेदार है.