सुज़ुकी मोटर्स कॉर्पोरेशन ने अपनी लोकप्रिय एसयूवी विटारा के नए वर्ज़न से पर्दा हटा लिया है. बता दें कि यह विटारा मारुति-सुज़ुकी विटारा ब्रेज़ा से बिल्कुल अलग एसयूवी है. इसी नई कार का नाम विटारा सीरीज़-2 हो सकता है. कयास लगाए जा रहे हैं कि विटारा-2019 को वैश्विक स्तर पर इसी अक्टूबर तक लॉन्च कर दिया जाएगा. यदि भारत की बात करें तो उम्मीद है कि यह शानदार कार देश की सड़कों पर 2020 तक दौड़ती दिखेगी. भारतीय बाज़ार में इस कार का ही अवतार ‘ब्रेज़ा’ सेगमेंट में कमाल कर रही है.

विटारा सुज़ुकी की सबसे महंगी एसयूवी है जिसमें कई अहम कॉस्मेटिक और तकनीकी बदलाव कर कंपनी ने इसे पहले से ज्यादा आकर्षक बनाने की कोशिश की है. लुक्स के मामले में इस कार की बदली हुई डिज़ायन, क्रोम फिनिश के साथ नई फ्रंट ग्रिल, नया बंपर, रडार सेंसर और नई एलईडी डेटाइम रनिंग लाइट पर ब्रश्ड एल्युमिनियम के साथ नए अलॉय व्हील्स के साथ यह अपनी मौजूदा कार से बिल्कुल फ्रेश और जुदा दिखती है.

यदि विटारा-2019 के रियर लुक की बात करें तो यहां आपको ज्यादा बदलाव नहीं दिखेंगे. लेकिन नई टेललाइट और थोड़े से बदलाव के साथ दिए बंपर आपको पूरी तरह निराश नहीं होने देते है. ऑटोवेबसाइट्स के मुताबिक विटारा सीरीज़-2 में नई अपहोल्स्ट्री के साथ स्मार्टप्ले टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम देखने को मिल सकता है.

परफॉर्मेंस के मामले में कंपनी ने इस कार में 1.0-लीटर और 1.4-लीटर के अलग-अलग टर्बो पेट्रोल इंजन दिए हैं. बताया जा रहा है कि कंपनी इस इंजन को 5 या 6-स्पीड मैनुअल गियरबॉक्स के साथ ऑटोमेटिक ट्रांसमिशन से भी जोड़ सकती है. यदि इस कार की कीमतों की बात करें तो भारत में दस लाख रुपए से कम के साथ विटारा अपने सेगमेंट में ह्युंडई क्रेटा, जीप कम्पस, रेनॉ कैप्टर और अपकमिंग टाटा हैरियर को कड़ी टक्कर दे सकती है.

महिंद्रा एंड महिंद्रा वेरिटो का उत्पादन बंद करेगी

देश की प्रमुख ऑटोमोबाइल कंपनी महिंद्रा एंड महिंद्रा सेडान वेरिटो और वेरिटो वाइब को भारत में अपनी लाइनअप से हटाने का मन बना चुकी है. जानकारों का कहना है कि कंपनी ने यह फैसला अपना ध्यान यूटिलिटी व्हीकल सेगमेंट में ज्यादा से ज्यादा लगाने के लिए लिया है. अपनी मजबूत और टिकाऊ गाड़ियों की वजह से महिंद्रा एंड मंहिद्रा इस सेगमेंट की दिग्गज खिलाड़ी है. इसके अलावा इन दोनों कारों की घटती बिक्री भी इस निर्णय के पीछे की अन्य प्रमुख वजह बताई जा रही है.

हालांकि वेरिटो और वेरिटो वाइब का उत्पादन बंद करने के बावजूद कंपनी इस कार के इलेक्ट्रिक वर्जन सेडान ‘ई-वेरिटो’ का उत्पादन और बिक्री ज़ारी रखेगी. महिंद्रा ऑटोमेटिव डिविज़न के प्रमुख रंजन वाधेरा का कहना था कि वेरिटो के ये दोनों मॉडल कई वर्षों पहले बाज़ार में लाए गए थे. लेकिन अब उनका समय जा चुका है.

जानकारों का कहना है कि अप्रैल 2020 तक सभी गाड़ियों को बीएस-VI मानकों के हिसाब से बनाए जाने के केंद्र सरकार के निर्देशों के मद्देनज़र कंपनी अपनी कुछ और कम बिक्री वाली गाड़ियों का उत्पादन रोक सकती है. इसकी एक प्रमुख वजह यह भी होगी कि महिंद्रा एंड महिंद्रा इटैलियन ऑटोमोबाइल डिज़ायन कंपनी पिनिन्फेरिना के साथ मिलकर अब हाई-एंड प्रीमियम कारों को तैयार करने में भी अपना ध्यान केंद्रित करना चाहती है.

क्विड-2018 लॉन्च

फ्रेंच ऑटोमोबाइल कंपनी रेनो ने भारत में अपनी लोकप्रिय हैचबैक क्विड का नया वर्जन लॉन्च कर दिया है. गौरतलब है कि भारत में सबसे पहले 2015 में लॉन्च होने के बाद से ही यह कार शानदार प्रदर्शन कर रही है जिसकी बदौलत रेनो को यहां के बाज़ार में पैर जमाने में खासी मदद मिली है. सेगमेंट में मारुति-सुज़ुकी ऑल्टो और ह्यंडुई ईऑन जैसे बड़े खिलाड़ियों के होने के बावजूद भारतीय बाज़ार में अब तक इस कार की 2.5 लाख से ज्यादा यूनिट बेची जा चुकी हैं जो कि एक सम्मानजनक आंकड़ा है. देश में रेनो के सीमित शोरूम और सर्विस स्टेशन होने की वजह से क्विड का यह प्रदर्शन और ज्यादा तारीफ के काबिल हो जाता है.

क्विड-2018 में सबसे ज्यादा अपडेट फीचर्स के मामले में देखने को मिला है. यहां आपको रियर व्यू कैमरा (आरएक्सटी ओ वेरिएंट के साथ), अपडेटेड फ्रंट ग्रिल, पिछली सीट के साथ हैंडरेस्ट जैसे फर्स्ट इन क्लास फीचर्स मिलते हैं. कार के टॉप एंड वेरिएंट के साथ दी गई क्रोम फिनिश वाली फ्रंट ग्रिल और पिछली सीट के साथ दिया गया क्रोम गियर नॉब इसे लग़्जरी फील देता है. इनके अलावा क्विड-2018 के कुछ वेरिएंट्स में रियर आर्मरेस्ट भी दिया गया है.

सेफ्टी फीचर्स के मामले में क्विड की खासी आलोचनाओं के बाद रेनो ने इसके नए वर्ज़न में अपडेटेड सीट बेल्ट्स दी हैं जो कि पिछले यात्रियों को पहले से ज्यादा सुरक्षा देती हैं. परफॉर्मेंस के मामले में नई क्विड में किसी तरह का कोई बदलाव नहीं किया गया है. कार के स्टैंडर्ड वेरिएंट में वही तीन सिलेंडर वाला 800सीसी का इंजन मिलता है जो 53 बीेचपी की अधिकतम पॉवर के साथ 72 एनएम का टॉर्क पैदा करने में सक्षम है. क्विड के साथ रेनो ने 1.0-लीटर की क्षमता वाले इंजन का भी विकल्प दिया है जो 67 बीएचपी की अधिकतम पॉवर के साथ 91 एनएम का टॉर्क पैदा करता है. कार के स्टैंडर्ड वेरिएंट में मैनुअल और 1.0-लीटर वेरिएंट के साथ ऑटोमेटिक गियरबॉक्स का विकल्प दिया गया है. कीमतों के मामले में रेनो ने क्विड की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया है जो कि 2.56 लाख रुपए से लेकर 3.53 लाख तक जाती हैं.