राजनीति में अपना मकसद हासिल करने के लिए राजनीतिक दल कुछ भी कर सकते हैं. इसकी ताज़ा मिसाल उत्तर प्रदेश में शुरू हुई भारतीय जनता पार्टी की कवायद से मिली है. सूत्रों के हवाले से ख़बर आई है कि भाजपा की प्रदेश इकाई पूरे उत्तर प्रदेश में मठों, मंदिरों, आश्रमों आदि की असल संख्या पता लगाने की कोशिश कर रही है.

द टाइम्स ऑफ इंडिया ने भाजपा के सूत्रों के हवाले से बताया है कि पार्टी की प्रदेश इकाई ने पूरे राज्य में फैले अपने मतदान केंद्र स्तर के कार्यकर्ताओं का एक प्राेफार्मा बांटा है. अख़बार का दावा है कि इस प्रोफार्मा की प्रति उसके पास भी है. इस प्रोफार्मा में पार्टी कार्यकर्ताओं से अपने क्षेत्र की विभिन्न जानकारियां जुटाकर जल्द से जल्द प्रदेश मुख्यालय में भेजने काे कहा गया है. मांगी गई इन जानकारियों में मठों, मंदिरों और आश्रमों की संख्या, उनके मुखिया (पुजारी, महंत आदि) का नाम और मोबाइल नंबर तथा संबंधित धार्मिक स्थल का पता मुख्य रूप से शामिल है. पार्टी के एक वरिष्ठ सूत्र ने इसकी पुष्टि की है.

अख़बार को सूत्रों से पता चला है कि पार्टी 2019 के लोक सभा चुनाव के मद्देनज़र मठों, मंदिरों और आश्रमों के प्रमुखों के जरिए उनके समर्थकों और अनुयायियों तक पहुंचना चाहती है. इसीलिए यह कवायद की जा रही है. यही नहीं अनुसूचित जाति-जनजाति, पिछड़ी जातियों और महिला मतदाताओं पर भी पार्टी का पूरा ध्यान है. इसीलिए इस प्रोफार्मा के जरिए उनसे संबंधित आंकड़े भी जुटाए जा रहे हैं. ख़ासकर यह पता किया जा रहा है कि किस रिहायश में कौन सी जाति या समुदाय के लोगों की आबादी ज़्यादा है. हर क्षेत्र से अनुसूचित जातियों -पिछड़े वर्गों के प्रभावशाली लोगों के नाम, पता और मोबाइल नंबर आदि जुटाए जा रहे हैं.

यही नहीं पार्टी ने मतदान केंद्र स्तर पर बनी समितियों में दो महिलाओं और दो अनुसूचित जाति के सदस्यों को अनिवार्य रूप से शामिल करने का भी निर्देश दिय है. ग़ौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में 1.6 लाख मतदान केंद्र हैं. भाजपा ने इन सभी पर अपनी समितियों के पुनर्गठन की क़वायद भी शुरू कर दी है. बताया जाता है कि हर मतदान केंद्र स्तर पर कम से कम 21 सदस्यों की समिति बनाई जाएगी. इसमें एक अध्यक्ष, दो उपाध्यक्ष, एक महामंत्री और बाकी मतदान केंद्र स्तर के एजेंट होंगे. ख़बर है कि आगामी 16 और 25 अगस्त को मतदान केंद्र स्तर की समितियों से संबंधित बैठकें भी प्रदेश मुख्यालय में आयोजित की गई हैं.