इसरो (भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन) का अब तक का सबसे भारी उपग्रह इस साल 30 नवंबर को फ्रांस के फ्रेंच गयाना अंतरिक्ष केंद्र से छोड़ा जाएगा. इसरो के प्रमुख के सिवन ने द टाइम्स ऑफ इंडिया से बातचीत में इसकी पुष्टि की है.

सिवन ने बताया कि यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी द्वारा फ्रेंच गयाना से छाेड़े जाने वाले भारतीय उपग्रह जीसैट-11 का वज़न 5.7 टन है. यह संचार उपग्रह है, जो भारत में इंटरनेट की स्पीड बढ़ाने में मददगार होगा. पहले इसी साल अप्रैल में यह उपग्रह छाेड़ा जाना था. लेकिन इसरो ने इसे फ्रेंच गयाना से वापस बुला लिया था. ताकि इसमें किसी संभावित तकनीकी गड़बड़ी आदि की फिर जांच की जा सके. हालांकि अब एक बार फिर यह उपग्रह प्रक्षेपण के लिए तैयार है.

ख़बर के मुताबिक जीसैट-11 को वापस बुलाने का अभूतपूर्व फैसला इसलिए लिया गया क्योंकि बीती 29 मार्च को जीसैट-6ए का प्रक्षेपण असफल हो गया था. प्रक्षेपण के तुरंत बाद ही जीसैट-6ए नियंत्रण से बाहर हो गया था. उससे सिग्नल मिलना भी बंद हाे गए थे. इसके बाद वह अंतरिक्ष में कहीं गुम हाे गया. वह भी एक संचार उपग्रह था.