बिहार के मुजफ्फरपुर बालिका गृह बलात्कार मामले में सुप्रीम कोर्ट ने आज राज्य की नीतीश कुमार सरकार की कड़ी आलोचना की. कोर्ट ने कहा कि ऐसा लगता है जैसे इस तरह की गतिविधियों को सरकार की शह मिली हुई है. सर्वोच्च अदालत ने पूछा कि कौन ऐसे शेल्टरों को पैसा दे रहा है. सुप्रीम कोर्ट ने देश में महिलाओं के साथ होने वाले दुर्व्यवहार पर भी टिप्पणी की. अदालत ने कहा, ‘हर जगह हर तरफ महिलाओं से बलात्कार किया जा रहा है.’

टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक जस्टिस एमबी लोकुर, जस्टिस दीपक गुप्ता और जस्टिस केएम जोसेफ की पीठ ने महिलाओं के साथ हो रहे व्यवहार पर गहरी चिंता जाहिर की. राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो के आंकड़ों के आधार पर पीठ ने कहा कि देश में हर छह घंटे में एक महिला से बलात्कार होता है. अदालत ने कहा, ‘क्या किया जाए? हर जगह लड़कियों और महिलाओं से बलात्कार हो रहा है.’

सुनवाई के दौरान कोर्ट ने इस मामले में एक आरोपित की पत्नी को पीड़िताओं के नाम उजागर करने के आरोप में गिरफ्तार करने को कहा. उसने राज्य सरकार से यह भी पूछा कि बालिका गृह चलाने वाले एनजीओ को फंड की राशि देने से पहले उसकी साख के बारे में क्यों जांच नहीं की गई. सर्वोच्च अदालत ने इस मामले में दिल्ली महिला आयोग को भी फटकार लगाई. उसने आयोग से कहा कि इस मामले में उसका कोई काम नहीं है. कोर्ट ने आयोग की याचिका पर भी सुनवाई करने से इनकार कर दिया.

इस बीच, इस घटना को लेकर कोर्ट की सहायक वकील नियुक्त की गईं अपर्णा भट ने बताया कि पीड़िताओं को कोई मुआवजा नहीं दिया गया है. कोर्ट को यह भी बताया गया कि मुजफ्फरपुर का बालिका गृह एकमात्र ऐसी जगह नहीं है जहां बच्चियों का यौन शोषण हो रहा है. गैर-सरकारी संस्थाओं की ऑडिट रिपोर्ट बताती है कि बिहार में ऐसे 15 संस्थान हैं जिन्हें राज्य सरकार से फंड मिलता है और वहां बच्चियों से यौन दुर्व्यवहार होता है.