उत्तर प्रदेश की महिला और बाल कल्याण मंत्री रीता बहुगुणा जोशी ने राज्य के बालिका और नारी संरक्षण गृहों की अनियमितताओं के लिए प्रदेश की पूर्व सरकार को जिम्मेदार ठहराया है. राज्य के विपक्षी दलों पर पलटवार करते हुए उन्होंने कहा है कि जिन लोगों ने पूरी व्यवस्था को चौपट किया वे आज महिला सुरक्षा के नाम पर हाथों में मोमबत्तियां लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं. उन्होंने यह भी कहा कि यौन शोषण जैसे संवेदनशील मुद्दों पर राजनीति नहीं की जानी चाहिए.

द इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक मंगलवार को लखनऊ में पत्रकारों से बातचीत करते हुए रीता बहुगुणा जोशी ने यह भी कहा कि देवरिया जिले के नारी संरक्षण गृह में लड़कियों के शोषण पर आज ही प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को रिपोर्ट सौंप दी जाएगी. इसके बाद इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में आज ही एक बैठक होगी जिसमें इस मामले को लेकर आगे की कार्रवाई की दिशा तय की जाएगी. कैबिनेट मंत्री ने विश्वास दिलाया कि इस मामले के दोषियों को किसी हाल में बख्शा नहीं जाएगा.

इस दौरान रीता बहुगुणा जोशी ने यह भी कहा कि राज्य के सभी जिलाधिकारियों को ऐसे संरक्षण गृहों के बारे में रिपोर्ट देने के लिए पहले ही निर्देश जारी किए जा चुके हैं. इन गृहों की स्थिति की पूरी बारीकी से जांच कर लिए जाने के बाद ही सरकार की तरफ से इन्हें किसी तरह की मदद उपलब्ध कराई जाएगी.

देवरिया जिले में स्थित नारी संरक्षण गृह का मामला बीते रविवार को तब सामने आया था जब यहांं से एक बच्ची किसी तरह भाग निकलने में कामयाब रही थी. इस बच्ची ने महिला थाने में जाकर संरक्षण गृह की अनियमितताओं और वहां होने वाले यौन शोषण की जानकारी दी थी. इसके बाद वहां की गई छापेमारी से 24 लड़कियों को बचा लिया गया था. खबरों के मुताबिक इस संरक्षण गृह की सूची में 42 लड़कियों के नाम दर्ज थे. ऐसे में पुलिस बाकी लड़कियों का पता लगाने में जुटी हुई है. इसके अलावा इस मामले में अब तक तीन गिरफ्तारियां भी की जा चुकी हैं.