तमिलनाडु की राजनीति के दिग्गजों में शुमार और राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री एम करुणानिधि का निधन हो गया है. मंगलवार शाम चेन्नई के कावेरी अस्पताल में उन्होंने आखिरी सांस ली. करुणानिधि 94 साल के थे और उम्र संबंधी बीमारियों और पेशाब में संक्रमण की समस्या से जूझ रहे थे. उन्होंने हाल ही में डीएमके अध्यक्ष के रूप में 49 साल पूरे किए थे. बतौर पार्टी अध्यक्ष 50वें वर्ष में प्रवेश करने वाले वे पहले राजनेता थे.

डीएमके के संस्थापक सीएन अन्नादुरै के निधन के बाद करुणानिधि 1969 में पहली बार तमिलनाडु के मुख्यमंत्री बने थे. इसके बाद वे पांच बार राज्य के मुखिया रहे. दो साल पहले उन्होंने गिरती सेहत के चलते खुद को मुख्यधारा की राजनीति से अलग कर लिया था. उन्होंने सार्वजनिक कार्यक्रमों में आना-जाना भी बंद कर दिया था. हालांकि बीच में वे एकाध बार पार्टी कार्यालय के कार्यक्रमों में जरूर शामिल हुए लेकिन, इसके अलावा उनका अधिकांश समय उनके घर पर ही बीतता रहा. अब पार्टी का काम उनके बेटे स्टालिन देखते हैं.

करुणानिधि ने करीब 50 तमिल फिल्मों में पटकथा और संवाद लेखक के तौर पर काम किया था. उन्होंने कई किताबें भी लिखीं. इनमें उनकी आत्मकथा नेन्जुक्कू नीति (दिल के लिए इंसाफ) भी शामिल है. उन्होंने तीन शादियां कीं. उनकी पहली पत्नी पद्मावती का कम उम्र में निधन हो गया था. इस शादी से उनके एक बेटे एमके मुथु हैं. बाद में करुणानिधि ने दयालु अम्माल और रजति अम्माल से शादी की. दयालु और करुणानिधि के बच्चे एमके अलागिरि, एमके स्टालिन, एमके तमिलारासू और बेटी सेल्वी हैं. तीसरी शादी से उनकी इकलौती बेटी कनिमोझी हैं. वे राज्यसभा सांसद भी हैं.

करुणानिधि ने आखिरी विधानसभा चुनाव 2016 में लड़ा था. वे थिरुवरूर विधानसभा से उतरे थे और उन्होंने पूरे राज्य में सबसे ज़्यादा अंतर से जीत दर्ज़ की थी. तमिलनाडु की राजनीति के इस भीष्म पितामह के निधन से उनके लाखों प्रशंसकों में शोक की लहर है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित तमाम राजनेताओं ने करुणानिधि को श्रद्धांजलि दी है.