दिल्ली स्थित जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) एक बार फिर से सुर्खियों में है. टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक यहां हुए एक जनमत संग्रह में लगभग 93 प्रतिशत शिक्षकों ने वर्तमान कुलपति जगदीश कुमार के पद पर बने रहने के विरोध में वोट डाला है. मंगलवार को हुआ यह जनमत संग्रह जेएनयू के शिक्षक संघ ने आयोजित करवाया था. जेएनयू शिक्षक संघ में शामिल 586 शिक्षकों में से करीब 300 शिक्षक बाहरी पर्यवेक्षकों की निगरानी में वोट डालने पहुंचे थे. शिक्षक संघ का कहना है कि 300 में से करीब 279 शिक्षकों ने कुलपति को हटाए जाने के पक्ष में अपना वोट डाला, इसलिए वर्तमान कुलपति को अपने पद पर नहीं रहना चाहिए.

शिक्षक संघ का आरोप है कि जेएनयू में परामर्श प्रक्रिया के तहत ही निर्णय लिए जाते थे लेकिन, अब कई निर्णय आम सहमति के बिना ही ले लिए जाते हैं. उसके मुताबिक निर्णय लेने की पूरानी प्रक्रिया पूरी तरह ठप हो चुकी है. शिक्षक संघ का कहना है कि इसके विरोध में ही यह जनमत संग्रह करवाया गया था. जनमत संग्रह का परिणाम बताते हुए संगठन ने कुलपति जगदीश कुमार पर विश्वविद्यालय प्रशासन में डर का माहौल बनाने और उनकी राय से संतुष्ट न रहने वाले शिक्षकों को निशाना बनाने का गंभीर आरोप भी लगाया है.