दिल्ली हाई कोर्ट ने राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे और उनके बेटे के खिलाफ एक भूमि सौदे में सीबीआई जांच की मांग करने वाली याचिका खारिज कर दी है. इसके साथ ही कोर्ट ने इन दोनों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग भी ठुकरा दी है.

यह याचिका एक वकील श्रीजन श्रेष्ठ ने दायर की थी. पीटीआई के मुताबिक इस याचिका में आरोप लगाया गया था कि वसुंधरा और उनके बेटे ने 2010 में धौलपुर में मौजूद एक सरकारी जमीन भारतीय राजमार्ग प्राधिकरण को बेची थी और इसके बदले में 1.97 करोड़ रुपये का मुआवजा प्राप्त किया था.

इससे पहले सीबीआई की एक विशेष अदालत ने याचिकाकर्ता की मांग यह कहकर खारिज कर दी थी कि उसने भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत इस मामले में जरूरी अनुमति नहीं ली है. हालांकि श्रीजन ने दलील दी थी कि जब यह कथित अपराध हुआ तब वसुंधरा राजे लोक सेवक नहीं थीं, बल्कि राजस्थान विधानसभा में विपक्ष की नेता थीं.