कर्नाटक में कांग्रेस और जनता दल (सेकुलर) की दो महीने पुरानी सरकार खतरे में दिख रही है. टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक कुछ असंतुष्ट कांग्रेस विधायक भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का हाथ थामकर वर्तमान सरकार को गिरा सकते हैं. खबर में बताया गया है कि कांग्रेस विधायक विधानसभा से इस्तीफा देकर सरकार बनाने के लिए जरूरी संख्या को 104 तक ले आएंगे जो अभी 112 है. इससे भाजपा के लिए कर्नाटक में सरकार बनाने की राह आसान हो जाएगी. कर्नाटक में इस साल हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा को 104 सीटें मिली थीं लेकिन, बहुमत से आठ सीटें कम होने के कारण पार्टी सरकार नहीं बना पाई थी.

राजनीतिक गलियारों में खबर है कि कर्नाटक में वर्तमान सरकार जल्द ही कैबिनेट विस्तार करने वाली है. ऐसे में मंत्री बनने की आस लगाए कुछ असंतुष्ट विधायक कांग्रेस ने नाता तोड़ भाजपा के पाले में जा सकते हैं. हालांकि इन खबरों का कांग्रेस ने खंडन किया है. खबर यह भी है कि मंगलवार को राज्य भाजपा अध्यक्ष बीएस येद्दियुरप्पा ने दिल्ली में अमित शाह से इस संबंध में मुलाकात भी की है. हालांकि भाजपा ने अमित शाह और बीएस येद्दियुरप्पा की इस मुलाकात को 2019 के लोकसभा चुनाव की तैयारी से जुड़ा हुआ बताया है.

कर्नाटक में वर्तमान सरकार के गिरने की अटकलें तब तेज हुई जब हाल में राज्य मंत्री रमेश झारकीहोली और छह कांग्रेस विधायक भाजपा नेता बीएस येद्दियुरप्पा के साथ एक ही फ्लाइट से दिल्ली पहुंचे. हालांकि झारकीहोली ने साफ किया है कि वे किसी भी हालत में कांग्रेस का साथ नहीं छोड़ेंगे. वहीं कांग्रेस नेता दिनेश गुंडाराव ने भाजपा पर कांग्रेस विधायकों को खरीदने और सरकार को गिराने का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा, ‘कर्नाटक में भाजपा सरकार से बाहर रहना बर्दाश्त नहीं कर पा रही है और सरकार को गिराने के लिए लगातार कोशिश कर रही है लेकिन, उसकी कोशिश कभी मुकाम पर नहीं पहुंचेंगी.’