नेशनल हेराल्ड मामले में दिल्ली हाई कोर्ट से कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी कोई राहत नहीं मिल पाई है. राहुल गांधी ने आयकर विभाग के उस आदेश को हाई कोर्ट में चुनौती दी थी, जिसमें उनके नेशनल हेराल्ड और यंग इंडिया से जुड़े ‘टैक्स एसेसमेंट’ की दोबारा जांच की बात कही गई थी. दिल्ली हाई कोर्ट अब इस मामले में 14 अगस्त को सुनवाई करेगा.

आयकर विभाग ने इस साल मार्च में राहुल गांधी को वित्त वर्ष 2011-12 के ‘टैक्स एसेसमेंट’ के लिए नोटिस दिया था. विभाग की तरफ से कोर्ट में दलील दी गई थी कि राहुल गांधी 2010 से यंग इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर थे, लेकिन उन्होंने यह जानकारी अपने इनकम डिक्लेरेशन में नहीं दी थी. इसके साथ ही राहुल गांधी के वकील ने हाई कोर्ट से इस मामले की मीडिया रिपोर्टिंग पर रोक लगाने की अपील भी की थी, जिसे हाई कोर्ट ने खारिज कर दिया.

यंग इंडिया प्राइवेट लिमिटेड की स्थापना 2010 में 50 लाख रुपये की पूंजी से की गई थी. इस कंपनी ने बाद में एसोसिएट जर्नल लिमिटेड (एजेएल) का अधिग्रहण किया था. नेशनल हेराल्ड अखबार का स्वामित्व एजेएल के पास ही था. बाद में भारतीय जनता पार्टी के नेता और राज्यसभा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने राहुल गांधी और सोनिया गांधी पर इस मामले में भ्रष्टाचार करने का आरोप लगाया था. सुब्रमण्यम स्वामी साल 2012 में इस मामले को कोर्ट में लेकर गए थे और तब से यह मामला कोर्ट में चल रहा है.