रफाल सौदे को लेकर पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण शौरी और यशवंत सिन्हा ने मोदी सरकार को कटघरे में खड़ा किया है. बुधवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने सरकार पर गंभीर आरोप लगाए. उनके साथ जाने-माने अधिवक्ता प्रशांत भूषण भी थे.

अरुण शौरी ने कहा कि फ्रांस के साथ हुए इस सौदे में बोफोर्स से कहीं बड़ा घोटाला हुआ है. पूर्व केंद्रीय मंत्री का ये भी कहना था कि इससे राष्ट्रीय सुरक्षा को नुकसान पहुंचा है. उन्होंने कहा कि इसका कॉन्ट्रेक्ट हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड से हटाकर अनिल अंबानी की कंपनी को दिया गया जो महज 10 दिन पहले बनाई गई थी. उधर, पूर्व विदेश मंत्री यशवंत सिन्हा ने कहा कि इस मामले की सीएजी से जांच कराई जानी चाहिए. प्रशांत भूषण ने कहा कि इस सौदे से देश को 35000 करोड़ रु की चपत लगी है.

इस सौदे को लेकर विपक्ष भी केंद्र सरकार को लगातार घेरने की कोशिश कर रहा है. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी इस मामले में सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भ्रष्टाचार का आरोप लगा चुके हैं. उनका कहना है कि यह सौदा कर्ज में डूबे एक कारोबारी को फायदा पहुंचाने के लिए किया गया है.