अगर राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के सूत्रों पर भरोसा करें तो आतंकी संगठन आईएसआईएस (इस्लामिक स्टेट ऑफ ईराक़ एंड सीरिया, प्रचलित नाम आईएस) का समर्थन करने वाले तत्व देश के कुछ हिस्सों में अब भी सक्रिय हैं. द इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक हैदराबाद से हाल में ही आठ युवकों को संदेह के आधार पर पकड़ा गया है. ऐसे असामाजिक तत्वों और उनकी गतिविधियों पर एनआईए ने लगातार नज़दीकी निगरानी रख रही है.

एनआईए सूत्रों के मुताबिक हैदराबाद के आठ युवकों पर संदेह है कि ये आईएसआईएस के नेटवर्क का हिस्सा हो सकते हैं. फिलहाल उनसे पूछताछ जारी है. सुरक्षा एजेंसियों को सूचना मिली थी कि ये लोग किसी बड़ी आतंकी गतिविधि को अंज़ाम देने की तैयारी कर रहे हैं. इसके बाद इन्हें पकड़ा गया. इनके मोबाइल फोन और लैपटॉप वग़ैरह फॉरेंसिक प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजे गए हैं. एनआईए के एक वरिष्ठ अधिकारी ने इसकी पुष्टि की है. उनके मुताबिक इन युवकों के ख़िलाफ़ सबूत मिले ताे इन्हें ग़िरफ़्तार भी किया जा सकता है.

सूत्र बताते हैं कि ये आठों युवक उन तीन लोगों से जुड़े हैं, जिन्हें 2015 में नागपुर हवाई अड्‌डे से ग़िरफ़्तार किया गया था. ये तीनों नागपुर से श्रीनगर होते हुए सीरिया भागने की फिराक़ में थे. वहां उन्हें आईएसआईएस में शामिल होना था. इन तीन में दो ने 2014 में भी पश्चिम बंगाल से सीधे सीरिया जाने की कोशिश की थी. लेकिन उन्हें तब भी मालदा में पकड़ लिया गया था. सूत्रों के मुताबिक हैदराबाद के आठों युवकों के बारे में जब से जानकारी मिली कि वे आईएसआईएस आतंकियों के संपर्क में हैं तब से ही उन नज़र रखी जा रही थी.

वैसे यह पहला मौका नहीं जब देश में आईएसआईएस की गतिविधियों का पता चला हो. अक्टूबर 2017 में केरल पुलिस ने इस आतंकी संगठन से जुड़े पांच युवकों के ख़िलाफ़ मामला दर्ज़ किया था. इसके बाद दिसंबर 2017 में इस मामले की जांच एनआईए को सौंप दी गई. उसने जांच के दौरान देश के अलग हिस्सों से 78 युवकों को पकड़ा था. लेकिन इस साल अब तक ऐसा कोई मामला सामने नहीं आया था. हैदराबाद के युवकों की ग़िरफ़्तारी इस साल का पहला ही मामला है.