महाराष्ट्र में आरक्षण की मांग को लेकर चल रहा मराठा आंदोलन शांत नहीं हो रहा है. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस कह चुके हैं कि नवंबर तक मराठा समुदाय को आरक्षण दे दिया जाएगा. इसके लिए कानूनी बंदोबस्त किए जा रहे हैं. फिर भी मराठा संगठन विरोध प्रदर्शन का रास्ता अख़्तियार किए हुए हैं. इसी के तहत गुरुवार को उनकी ओर से मुंबई बंद की अपील भी की गई है.

मराठा क्रांति मोर्चा के संयोजक अमोल जाधव राव ने मीडिया को बताया, ‘संगठन की राज्य स्तरीय समिति की बुधवार को औरंगाबाद में बैठक हुई थी. इसमें नवी मुंबई और ठाणे को छोड़कर पूरे राज्य में गुरुवार को बंद आयोजित करने का फैसला किया गया है. बंद पूरी तरह शांतिपूर्ण होगा. हम पुलिस के साथ हरसंभव सहयोग करेंगे. सार्वजनिक संपत्ति को भी कोई नुकसान नहीं पहुंचाया जाएगा.’ इस बंद में अखिल भारतीय किसान सभा भी शामिल है, जिसने शाम पांच बजे के बाद जेल भरो आंदोलन चलाने की भी घोषणा की है.

मराठा संगठनों के बंद को महाराष्ट्र मुस्लिम एकता परिषद और जमायत उलैमा-ए-महाराष्ट्र ने भी अपना समर्थन दिया है. जाधव राव के मुताबिक, ‘सुबह आठ से शाम छह बजे तक बंद रहेगा. इस दौरान सड़कों पर टैक्सियां-ऑटो रिक्शा वग़ैरह नहीं चलेंगे. व्यापारिक प्रतिष्ठान भी बंद रहेंगे. स्कूल-कॉलेज, दूध-दवाई जैसी ज़रूरी चीजों के प्रतिष्ठानों और सार्वजनिक परिवहन को बंद से बाहर से रखा गया है.’ हालांकि इस आयोजन पर मराठा संगठनों में कुछ मतभेद भी नज़र आए हैं.

मराठा क्रांति मोर्चा के ही एक समूह ने मंगलवार काे घोषणा की थी कि मुंबई में काेई बंद आयोजित नहीं किया जाएगा. गुरुवार को सिर्फ मुंबई के उपनगरीय इलाके बांद्रा (पूर्व) के कलेक्टर के दफ़्तर के बाहर सुबह 11 बजे से दिन में दो बजे तक धरना दिया जाएगा. जाधव राव से जब इस बाबत पूछा गया तो उन्होंने कहा, ‘हम उन्हें (विरोधी समूहों को) धरना देने से रोक तो नहीं सकते. वे भी समुदाय के हित के लिए ही संघर्ष कर रहे हैं पर मुंबई के मराठाबहुल इलाकों में ख़ास तौर पर बंद भी रहेगा.’