पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के बेटों के पासपोर्ट रद्द कर दिए गए हैं. पाकिस्तानी अधिकारियों ने उन्हें ब्लैकलिस्ट में शामिल करते हुए यह कदम उठाया है. पाकिस्तान में भ्रष्टाचार के मामलों की जांच करने वाले नेशनल अकाउंटिबिलिटी ब्यूरो (एनएबी) ने अपील की थी कि हसन और हुसैन के नाम एग्जिट कंट्रोल लिस्ट में शामिल किए जाएं. एनएबी ने आप्रवासन व पासपोर्ट निदेशक से भी अपील की थी कि वह नवाज के दोनों बेटों के पासपोर्ट ब्लॉक कर उनके नाम ब्लैकलिस्ट में डाल दे.

नवाज शरीफ के बेटे हसन और हुसैन लंदन में रहते हैं. जुलाई 2017 में भ्रष्टाचार के तीन मामलों में नवाज के साथ उन्हें भी आरोपित बनाया गया था. तब एक पाकिस्तानी अदालत ने दोनों को पेश होने का आदेश दिया था. लेकिन हसन और हुसैन किसी भी मामले में अदालत के सामने नहीं आए. इसके बाद अदालत ने उन्हें भगोड़ा घोषित कर दिया. पिछले हफ्ते ही फेडरल इंवेस्टिगेशन एजेंसी ने इंटरपोल से हसन और हुसैन के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी करने को कहा था. लंदन के एवनफील्ड अपार्टमेंट की अवैध खरीद के मामले में एक अदालत ने दोनों को तुरंत पेश होने का आदेश भी दिया था. कोर्ट ने उनके खिलाफ गैर-जमानती वॉरंट भी जारी किया था.

इससे पहले जुलाई में ही पूर्व पाकिस्तान प्रधानमंत्री को भ्रष्टाचार के मामले में दस साल की सजा सुनाई गई थी. वहीं, उनकी बेटी मरियम को सात और दामाद सफदर को एक साल के कारावास की सजा दी गई थी. कोर्ट ने नवाज शरीफ पर 70 करोड़ रुपये और मरियम पर साढ़े 17 करोड़ रुपये से ज्यादा का जुर्माना भी लगाया था.