राजस्थान की वसुंधरा राजे सरकार ने प्रदेश के गांवों के नाम बदलना शुरू कर दिया है. इस प्रक्रिया के तहत बाड़मेर के मियां का बाड़ा गांव का नाम महेश नगर कर दिया गया है. इंडिया टुडे की खबर के मुताबिक सरकार मुस्लिम नामों वाले गांवों के नाम हिंदू नामों से बदल रही है. झुंझनू जिले का इस्माइलपुर अब पिछानवा खुर्द और जालौर का नरपाड़ा नरपुरा हो गया है.

वसुंधरा राजे सरकार ऐसे समय में गांवों के नाम बदल रही है जब विधानसभा चुनाव पास ही हैं. मियां का बाड़ा का नाम बदलने को लेकर राज्य के राजस्व मंत्री अमरा राम का अपना तर्क है. उनका कहना है, ‘मियां का बाड़ा में केवल तीन मुस्लिम परिवार रहते हैं. तो फिर इसका नाम मियां का बाड़ा क्यों हो?’ वहीं, गांव के पूर्व सरपंच हनुमंत सिंह ने बताया, ‘देश को आजादी मिलने तक गांव का नाम महेश रो बाड़ो था. लेकिन बाद में नाम बदलकर मियां का बाड़ा कर दिया गया. अब इसे महेश नगर कर दिया गया है.’

खबर के मुताबिक राजस्थान सरकार ने इस बाबत प्रस्ताव दिया था जिसे गृह मंत्रालय ने मंजूरी दे दी. राज्य के राजस्व विभाग की सिफारिशों के आधार पर केंद्र ने करीब 15 गांवों के नाम बदलने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. इसके तहत जमीनी स्तर की कार्यवाही में गांवों के नाम वाले साइनबोर्ड बदल दिए गए हैं. राजस्थान सरकार का कहना है कि ऐसा पंचायत स्तर पर की गईं सिफारिशों के आधार पर किया जा रहा है. उसके मुताबिक कई गांव सालों से नाम बदलने की मांग कर रहे थे. उसके बाद गांवों का नाम बदलना शुरू किया गया.

उधर, विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने इस मुद्दे पर भाजपा पर हमला बोला है. उसका कहना है कि आगामी चुनावों के मद्देनजर लोगों को बांटने की राजनीति के तहत नाम बदलने की नीति अपनाई जा रही है. राजस्थान प्रदेश कांग्रेस समिति के अध्यक्ष सचिन पायलट ने कहा, ‘भाजपा राजनीतिक फायदे के लिए हमेशा लोगों को बांटती है.’