बहुचर्चित आरुषि-हेमराज हत्याकांड में सुप्रीम कोर्ट ने तलवार दंपत्ति की रिहाई के खिलाफ सीबीआई की याचिका मंजूर कर ली है. बीते साल अक्टूबर में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने तलवार दंपत्ति को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया था. सीबीआई की ओर से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल मनिंदर सिंह ने कहा कि हाईकोर्ट के आदेश में कई खामियां हैं. पीटीआई के मुताबिक न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने सीबीआई की याचिका को हेमराज की पत्नी की याचिका के साथ मिलाकर सुनवाई करने का फैसला किया है. इस याचिका में तलवार दंपत्ति की रिहाई के खिलाफ अपील की गई थी.

आरुषि-हेमराज हत्याकांड लगभग एक दशक पुराना है. 16 मई, 2008 को उत्तर प्रदेश के नोएडा में हुए इस हत्याकांड में सबसे पहले 14 वर्षीय आरुषि तलवार की हत्या की खबर आई थी. आरुषि डॉक्टर दंपति राजेश तलवार और नूपुर तलवार की इकलौती बेटी थी. जिस दिन आरुषि की हत्या की खबर आई उस दिन उनका नौकर हेमराज गायब था, इसलिए उस पर हत्या का शक जताया गया. हालांकि, अगले दिन उसका शव भी उसी घर की छत से बरामद हुआ. तमाम उठापटक के बाद नवंबर 2013 में गाजियाबाद की सीबीआई अदालत ने तलवार दंपति को उम्रकैद की सजा सुनाई थी जिसे इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अपने फैसले में पलट दिया था.