कांग्रेस पार्टी के सांसद हुसैन दलवई ने तीन तलाक के मुद्दे पर दिए गए भगवान राम और सीता के बयान पर माफी मांगी है. शुक्रवार को इस बयान पर माफी मांगते हुए उन्होंने कहा, ‘मैंने जो कुछ कहा वह गलत था. इसके लिए मैं माफी मांगता हूं. मेरा इरादा किसी की भावनाओं को आहत करने का नहीं था. मेरे बयान का जानबूझकर राजनीतिकरण किया जा रहा है.’ इसके साथ ही हुसैन दलवई ने उन लोगों की निंदा भी की जो उनके बयान पर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से माफी मांगने के लिए कह रहे हैं.

इससे पहले समाचार एजेंसी एएनआई से बात करते हुए हुसैन दलवई ने कहा था कि सिर्फ मुस्लिम ही नहीं बल्कि हर समुदाय में महिलाओं के साथ ‘अन्यायपूर्ण’ बर्ताव हुआ है. उन्होंने आगे कहा था, ‘हर समाज पुरुष प्रधान रहा है. यहां तक कि भगवान राम ने भी संदेह के आधार पर सीता जी का त्याग कर दिया था.’

भाजपा ने इसे लेकर कांग्रेस सांसद पर हमला बोला था. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने कहा था कि हुसैन दलवाई को पहले ग्रंथों का अच्छी तरह अध्ययन कर लेना चाहिए और उसके बाद किसी तरह की टिप्पणी करनी चाहिए. स्वामी ने यह भी कहा कि राम और सीता की यह कहानी संस्कार और बलिदान की है. इस दौरान उन्होंने कांग्रेस पार्टी पर निशाना साधते हुए इसके नेताओं को अनपढ़ भी बताया.