मुंबई में गोवंडी इलाके के एक सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों को आयरन, फॉलिक एसिड और पेट के कीड़ों की दवाई खिलाए जाने के बाद एक छात्रा की मौत हो गई है. इन दवाइयों से 197 छात्र-छात्राओं के बीमार पड़ने की खबर भी है. द इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक दवाई खाने से बीमार पड़े 161 बच्चों को इलाज के लिए घाटकोपर के राजावाड़ी जबकि 36 अन्य को गोवंडी शताब्दी अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

राजावाडी अस्पताल की अधीक्षक डॉक्टर विद्या ठाकुर के मुताबिक बच्चों को पेट में दर्द, उलटी और बेचैनी की शिकायत होने के बाद इन्हें शुक्रवार की सुबह इन दोनों अस्पतालों में भर्ती कराया गया था. भर्ती कराए गए कुल बच्चों में से 22 को शुक्रवार की दोपहर तक छुट्टी दे दी गई जबकि अन्य का इलाज फिलहाल जारी है.

इस दौरान बृहनमुंबई नगर निगम (बीएमसी) की तरफ से जारी एक बयान में कहा गया है कि दवाई खाने से मरने वाली बच्ची की पहचान 12 वर्षीय चांदनी शेख के तौर पर हुई है. इस बच्ची की मौत की सही वजह पोस्टमार्टम की रिपोर्ट आने के बाद ही पता चलेगी. उधर, मृतक के परिवार वालों का कहना है कि गुरुवार को स्कूल से लौटने के बाद उसकी तबियत ज्यादा बिगड़ गई थी और इस दौरान उसे खून की उलटी भी हुई थी. इसके बाद उसकी मौत हो गई.

प्राप्त जानकारी के मुताबिक स्कूल में बच्चों को राष्ट्रीय प्रतिरक्षण कार्यक्रम के तहत यह दवाइयां खिलाई गई थीं. इस बीच बच्चों को खिलाई गई दवाइयों के सैंपल लेकर इन्हें जांच के लिए भेज दिया गया है. साथ ही पुलिस ने भी मामला दर्ज करके जांच शुरू कर दी है.