पूर्व क्रिकेटर इमरान खान 18 अगस्त को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के तौर पर शपथ लेने वाले हैं. इमरान की पार्टी- पाकिस्तान तहरीक़-ए-इंसाफ (पीटीआई) ने इस तारीख़ का अधिकृत रूप से ऐलान किया है. साथ में यह भी जानकारी दी है कि इमरान को पीटीआई संसदीय दल का नेता चुनने और उन्हें पार्टी की ओर से प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार बनाने की औपचारिकताएं भी पूरी हो गई हैं.

पाकिस्तान की नेशनल असेंबली में उच्च सदन- सीनेट के सदस्य और पीटीआई के नेता फैसल जावेद ने यह जानकारी दी. उन्होंने बताया कि इमरान के शपथ ग्रहण समारोह में भारतीय क्रिकेट टीम के दो पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर और कपिल देव तथा पूर्व सलामी बल्लेबाज़ नवजोत सिंह सिद्धू को भी आमंत्रित किया गया है. इससे पूर्व राष्ट्रपति ममनून हुसैन ने 13 अगस्त से नेशनल असेंबली का सत्र बुलाने का फैसला किया. इस सत्र में नेशनल असेंबली के नए चुने गए सदस्य शपथ लेंगे और अगले प्रधानमंत्री का चुनाव करेंगे.

संसद में होने वाले चुनाव में इमरान खान को जीत मिलने की उम्मीद की जा रही है. उनकी पार्टी ने नेशनल असेंबली की 116 सीटें जीती हैं और वह 25 जुलाई को हुए चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है. हालांकि प्रधानमंत्री पद पर चुने जाने के लिए इमरान को 342 सदस्यों वाली नेशनल असेंबली में 172 सदस्यों का समर्थन जुटाना होगा. लेकिन उनकी पार्टी का दावा है कि उसे 180 सदस्यों के समर्थन का भरोसा मिल चुका है. इस बीच 28 निर्दलीय सांसदों ने चुनाव आयोग को बताया है कि वे पीटीआई में शामिल हो रहे हैं.

इसी भरोसे पर पीटीआई के प्रवक्ता फवाद चौधरी ने दावा किया है कि संसद में पहले चरण की वोटिंग में ही इमरान प्रधानमंत्री पद का चुनाव जीत जाएंगे. इस बीच राष्ट्रपति ममनून हुसैन ने शपथ ग्रहण समारोह के चलते अपनी विदेश यात्रा भी टाल दी है. उन्हें 16 से 19 अगस्त के बीच एडिनबर्ग की यात्रा पर रहना था. लेकिन अब शपथ समारोह के बाद जाएंगे. इससे पहले शुक्रवार को ही दिन में इमरान खान को चुनाव आयोग से लिखित में बिना शर्त माफी भी मांगनी पड़ी क्योंकि उन्होंने मतदान के दौरान अपने वोट की गोपनीयता भंग की थी.