कांवड़ यात्रा के दौरान उत्तर भारत के कुछ हिस्सों में हुई तोड़फोड़ और हिंसक घटनाओं पर संज्ञान लेते हुए सुप्रीम कोर्ट ने इन पर नाराजगी जताई है. इस खबर को आज के अधिकतर अखबारों ने पहले पन्ने पर जगह दी है. शीर्ष अदालत ने कहा कि कानून को अपने हाथ में लेने वाले कांवड़ियों के खिलाफ पुलिस को कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए. साथ ही, सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि वह भीड़ द्वारा तोड़फोड़ किए जाने घटनाओं को रोकने के लिए दिशा-निर्देश जारी करेगा.

वहीं, अब से ड्राइविंग लाइसेंस और वाहन पंजीकरण सर्टिफिकेट की ऑरिजनल कॉपी साथ लेकर चलने जरूरत नहीं होगी. इसके बदले देशभर में इनकी डिजिटल कॉपी मान्य होगी. यह खबर भी अखबारों की प्रमुख सुर्खियों में शामिल है. इस बारे में केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने राज्यों को एक एडवायजरी जारी की है. इसमें कहा गया है कि केवल आधिकारिक ऑनलाइन प्लेटफार्म जैसे डिजिलॉकर और एमपरिवहन एप में मौजूद ड्राइविंग लाइसेंस, वाहन पंजीकरण प्रमाण पत्र या अन्य दस्तावेज ड्राइविंग परिवहन प्राधिकरणों द्वारा जारी प्रमाणपत्रों के बराबर माने जाएंगे.

एनजीटी ने दिल्ली की सात मस्जिदों में लगे लाउडस्पीकरों से ध्वनि प्रदूषण फैलने के आरोप की जांच के निर्देश दिए

राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (एनजीटी) ने पूर्वी दिल्ली की सात मस्जिदों में लगे लाउडस्पीकरों से ध्वनि प्रदूषण फैलने के आरोप की जांच के निर्देश जारी किए हैं. नवभारत टाइम्स की खबर के मुताबिक प्राधिकरण ने इसकी जिम्मेदारी दिल्ली सरकार के साथ प्रदूषण नियंत्रण समितियों को दी है. एनजीटी ने अपने निर्देश में कहा है कि यदि इनसे इलाके में ध्वनि प्रदूषण होता है तो कानूनी कार्रवाई की जाए. बताया जाता है कि प्राधिकरण ने यह निर्देश एनजीओ अखंड भारत मोर्चा की याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया है. इस याचिका में आरोप लगाया गया है कि इन मस्जिदों में लाउडस्पीकरों के अवैध इस्तेमाल से लोगों की सेहत पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है.

असम : केंद्रीय मंत्री राजेन गोहेन के खिलाफ बलात्कार का आरोप

असम के नौगांव से भाजपा सांसद और रेल राज्यमंत्री राजेन गोहेन के खिलाफ एक महिला ने बलात्कार का आरोप लगाया है. द हिंदू की रिपोर्ट के मुताबिक नौगांव के जिला अधिक्षक (एसपी) ने बताया कि आरोपित मंत्री के खिलाफ बीती दो अगस्त को मामला दर्ज कर लिया गया है. पुलिस के मुताबिक केंद्रीय मंत्री पर महिला के साथ बलात्कार करने के साथ धोखाधड़ी और आपराधिक धमकी देने का भी आरोप है.

2017-18 में 30 फीसदी ट्रेनें लेट : सीएजी

देश में ट्रेनों की लेटलतीफी खत्म होने का नाम नहीं ले रही. हिन्दुस्तान ने नियंत्रक और महालेखा परीक्षक (सीएजी) की रिपोर्ट के हवाले से कहा है कि वित्तीय वर्ष 2017-18 में 30 फीसदी ट्रेनें तय वक्त पर अपनी मंजिल पर पहुंचने में विफल रही हैं. यह आंकड़ा साल 2016-17 की तुलना में 5.3 फीसदी अधिक है. बताया जाता है कि सीएजी ने जांच के दौरान 15 स्टेशनों पर ट्रेनों का निरीक्षण किया था. सीएजी ने अपनी रिपोर्ट में ट्रेनों की देरी की मुख्य वजह प्लेटफॉर्म खाली नहीं होना और इसका छोटा होना बताया है. इसके अलावा जांच में यह भी पाया गया कि स्टेशनों पर ट्रेनों की आवाजाही बढ़ी है लेकिन, इसके लिए बुनियादी ढांचे का विकास नहीं किया गया है. सीएजी ने सभी जोनल रेलवे को अधिक पैसेंजर ट्रैफिक से निपटने के लिए मास्टर प्लान बनाने का सुझाव दिया है.

पाकिस्तान : सिंध में पहली बार तलाकशुदा और विधवा हिंदू महिलाओं को पुनर्विवाह की इजाजत

पाकिस्तान के सिंध प्रांत में पहली बार तलाकशुदा या विधवा हिंदू महिलाओं को फिर से शादी करने की कानूनी इजाजत दी गई है. अमर उजाला में छपी खबर के मुताबिक प्रांतीय असेंबली ने इससे संबंधित संशोधन विधेयक को मंजूरी दी. अखबार ने द एक्सप्रेस ट्रिब्यून की रिपोर्ट के हवाले से लिखा है कि सिंध हिंदू विवाह (संशोधन) विधेयक-2018 दंपति को अलग होने का अधिकार देता है. साथ ही, महिला और उसके बच्चों की वित्तीय सुरक्षा भी सुनिश्चित करता है. हालांकि, इस विधेयक में हिंदू समुदाय के सदस्यों में निर्धारित न्यूनतम आयु से कम उम्र में शादियों पर प्रतिबंध होने की बात कही गई है.