पूर्व की एनडीए सरकारों में केंद्रीय मंत्री रहे यशवंत सिन्हा और अरुण शौरी द्वारा रफाल लड़ाकू विमान सौदे को लेकर लगाए गए आरोपों को भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने खारिज किया है. द टाइम्स आॅफ इंडिया के मुताबिक शुक्रवार को एक कार्यक्रम के दौरान अमित शाह ने कहा, ‘इस रक्षा सौदे पर सरकार की तरफ से स्पष्टीकरण दिया जा चुका है. इसके साथ ही रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण भी साफ कर चुकी हैं कि अच्छी तरह मोलभाव कर लेने के बाद संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) सरकार द्वारा तय दामों से भी कम में इस सौदे को अंजाम दिया गया है.’

अमित शाह ने आगे कहा, ‘इस रक्षा सौदे में यशवंत सिन्हा और अरुण शौरी जैसे नेताओं की कोई भूमिका नहीं रही. ऐसे में उनके द्वारा लगाए जा रहे आधारहीन आरोपों के बजाय रक्षा मंत्री के बयान को विश्वसनीय माना जाना चाहिए.’ अमित शाह के मुताबिक अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाली सरकार में मंत्री रहे यह दोनों नेता नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार के गठन के बाद से हाशिये पर हैं और इसीलिए सरकार की विभिन्न नीतियों पर इनकी तरफ से निशाना साधा जाता है और आलोचना की जाती है.

हाल ही में एक प्रेस वार्ता के जरिये अरुण शौरी, यशवंत सिन्हा और सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने रफाल लड़ाकू विमान सौदे को बोफोर्स तोप से भी बड़ा घोटाला करार दिया था. इन तीनों ने रफाल सौदे के वित्तीय लेन-देन को सार्वजनिक करने के साथ महालेखा परीक्षक से इसकी जांच कराए जाने की मांग भी की थी. हालांकि उस प्रेस वार्ता के कुछ देर बाद भाजपा के वरिष्ठ नेता और वित्त मंत्री अरुण जेटली ने इस सौदे को लेकर लगाए आरोपों को आधारहीन बताया था.