अमेरिका से मिलने वाली सैन्य मदद बंद होने के बाद पाकिस्तान को रूस का सहारा मिला है. पीटीआई की खबर के मुताबिक पाकिस्तान और रूस ने एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं. इस समझौते के अनुसार पाकिस्तानी सैन्य अधिकारियों को रूस अपने यहां ट्रेनिंग देगा. पाकिस्तान और रूस की जॉइंट मिलिटरी कंसलटेटिव कमिटी (जेएमसीसी) ने बीते मंगलवार को रावलपिंडी में अपनी पहली बैठक के बाद इस समझौते पर हस्ताक्षर किए. इसमें दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय रक्षा संबंधों की वर्तमान स्थिति पर भी चर्चा की गई.

कुछ समय पहले ट्रंप प्रशासन ने पाकिस्तानी सैन्य अधिकारियों के लिए चलाए जा रहे सैन्य प्रशिक्षण कार्यक्रम को बंद कर दिया था. अमेरिका ने यह सख्त कदम पाकिस्तान के आतंकी गतिविधियों पर लगाम न लगा पाने के बाद उठाया. पाकिस्तान और अमेरिका के बीच संबंधों में गिरावट इस साल जनवरी से आनी शुरू हो गई थी. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पाकिस्तान पर आतंकियों को पनाह देने और उनपर कार्रवाई न करने के गंभीर आरोप लगाए थे. इसके बाद अमेरिकी संसद ने एक बिल पास किया. इसमें अमेरिका ने पाकिस्तान को दी जाने वाली सैन्य मदद को 15 करोड़ अमेरिकी डॉलर तक लाने का लक्ष्य रखा है. अभी यह प्रति वर्ष 100 करोड़ अमेरिकी डॉलर से अधिक है.

पाकिस्तानी सैन्य अधिकारियों का कहना है कि अमेरिका से दूरी बढ़ने के बाद उनकी रूस और चीन से नजदीकी बढ़ गई है. इस साल की शुरुआत में पाकिस्तान के तत्कालीन विदेश मंत्री ख्वाजा आसिफ ने रूस का दौरा किया था. इसके बाद रूस और पाकिस्तान के सैनिकों ने साथ में युद्धाभ्यास भी किया था. इसके साथ ही पाकिस्तान को रूस ने 4 एमआई35एम लड़ाकू विमान और कार्गो हेलिकॉप्टर भी दिए हैं.