पुलिस वालों को कांवड़ियों पर फूल फेंकते देखकर यह तय हो गया है कि इस सरकार में सबसे ऊपर से लेकर नीचे तक हर कोई फेंकने में ही लगा है.


इस हफ्ते नरेंद्र मोदी देश के पहले ऐसे प्रधानमंत्री भी बन गए हैं जिनकी टिप्पणी राज्यसभा की कार्यवाही से हटाई गई है.


चार दशकों में पहली बार राज्यसभा के उपसभापति पद पर कांग्रेस का कोई नेता नहीं है और इस तरह से अब कम से कम राज्यसभा को तो कांग्रेस मुक्त माना ही जाना चाहिए.


सप्ताह का कार्टून :

स्रोत : मंजुल के ट्वीट से
स्रोत : मंजुल के ट्वीट से

रिजर्व बैंक की बोर्ड मीटिंग का एक दृश्य :
उर्जित पटेल - गुरुमूर्ति जी, बोर्ड के नए सदस्य के रूप में आपका स्वागत है. आप हमारी क्या मदद करेंगे?
एस गुरुमूर्ति – नोटबंदी के बाद इकट्ठा हुए नोट गिनने में.


डीएमके अयोध्या में हमेशा राम मंदिर निर्माण का विरोध करती रही और कहती रही कि मंदिर तो कहीं भी बनाया जा सकता है, लेकिन विडंबना देखिए कि पार्टी अध्यक्ष करुणानिधि को दफन करने के लिए उसे मरीना बीच से इतर कोई दूसरी जगह कतई मंजूर नहीं थी.


मिनिमम बैलेंस न रखने पर बैंकों ने 5000 करोड़ रुपये वसूले हैं... यानी सरकार के हिसाब से जिसके पास पैंट न हो उसका कच्छा भी उतरवा लेना चाहिए!