उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने राज्य में सभी बूचड़खाने (स्लाटर हाउस) बंद करने की घोषणा की है. शनिवार को इसकी जानकारी देते हुए त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा, ‘अब मेरी सरकार प्रदेश में किसी भी नए बूचड़खाने की अनुमति नहीं देगी, साथ ही पहले की सरकारों के जारी बूचड़खानों के लाइसेंस भी रद्द किए जाएंगे.’

मुख्यमंत्री ने राजधानी देहरादून में ‘उत्तराखंड पशुधन विकास बोर्ड’ के एक कार्यक्रम में यह बात कही. इस दौरान उन्होंने यह भी बताया कि बूचड़खानों पर यह कार्रवाई ‘उत्तराखंड गौसंरक्षण अधिनियम’ के तहत की जायेगी और इसी के तहत राज्य में गौशालायें खोली जाएंगी. एक सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री रावत ने कहा, ‘2021 में हरिद्वार में होने वाले महाकुंभ से पहले पूरे प्रदेश में गौसंरक्षण गृह स्थापित किए जाएंगे.’ हिन्दुस्तान टाइम्स की खबर के मुताबिक रावत सरकार ने 2016 में कांग्रेस सरकार द्वारा हरिद्वार के मंगलौर में जारी किए गए बूचड़खानों के लाइसेंस रद्द करने के अादेश दे दिए हैं.

हाल ही में भाजपा शासित उत्तराखंड में गौसंरक्षण को लेकर सरकार ने कई बड़े फैसले लिए हैं. सरकार ने गौरक्षा के लिए विशेष पुलिस बल का गठन किया है जो हरिद्वार, देहरादून और उधमसिंह नगर में काम कर रहा है. एक हफ्ते पहले ही राज्य गौसेवा अायोग के अध्यक्ष बीएन रावत ने बताया था कि उत्तराखंड में गौरक्षकों को पहचान पत्र जारी किए जाएंगे. साथ ही राज्य का ‘पशुधन विकास बोर्ड’ गौसंरक्षण के लिए एक अमेरिकी कंपनी से भी समझौता करने वाला है.